कोर्ट ने एक आरोपी चिरिकांडोथ प्रशांत को दोषी पाया। हालांकि, सजा की अवधि कम कर दी गई है। ट्रायल कोर्ट ने उनकी सजा को 10 साल के कठोर कारावास से घटाकर एक साल के कारावास में बदल दिया।
केरल हाई कोर्ट ने सीपीएम नेता पी जयराजन की हत्या की कोशिश के मामले में आठ आरोपियों को बरी कर दिया है। उच्च न्यायालय ने यह कहते हुए बरी करने का आदेश दिया कि अभियोजन पक्ष पुख्ता सबूत पेश करने में विफल रहा है।
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वहीं, कोर्ट ने एक आरोपी चिरिकांडोथ प्रशांत को दोषी पाया। हालांकि, सजा की अवधि कम कर दी गई है। ट्रायल कोर्ट ने उनकी सजा को 10 साल के कठोर कारावास से घटाकर एक साल के कारावास में बदल दिया। 11 जनवरी को सुनाए गए फैसले की कॉपी गुरुवार को जारी की गई। यह फैसला जस्टिस सोमराजन ने सुनाया।
ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी छह को 10 साल की सजा
इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने आरएसएस के जिला प्रशासक कनिचेरी अजी समेत छह लोगों को 10 साल जेल की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने तीन को बरी कर दिया था। आरोपियों ने सजा के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जबकि सरकार तीनों को बरी करने के खिलाफ थी। ऐसे नौ आरोपियों में से आठ को बरी कर दिया गया है। उनके खिलाफ मामला यह है कि उन्होंने 1999 में थिरुवोनम दिवस पर सीपीएम नेता की थालास्सेरी के पास उनके कथिरूर आवास पर हत्या करने का प्रयास किया था।