अदालत ने दो श्रद्धालुओं की ओर से दायर याचिका का निपटारा किया। याचिका में आरएसएस और उसके सदस्यों द्वारा मंदिर परिसर के अवैध इस्तेमाल और अनाकृतिक कब्जे को रोकने के लिए आदेश देने की मांग की गई थी। इसके बाद उच्च न्यायालय ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह बोर्ड द्वारा प्रबंधित मंदिरों में आरएसएस की शाखाओं और सामूहिक अभ्यास पर प्रतिबंध लगाने के टीडीबी के पूर्व के आदेश के कड़ाई से अनुपालन के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करे।
आदेश में कहा गया, 'त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के प्रबंधन के तहत आने वाले उक्त मंदिर के परिसर में किसी भी सामूहिक अभ्यास या हथियार अभ्यास की अनुमति नहीं दी जाएगी।' न्यायमूर्ति अनिल के नरेंद्रन और न्यायमूर्ति पी जी अजीतकुमार ने हाल के एक आदेश में कहा, 'चिरायिनकीझू पुलिस थाने के प्रभारी प्रतिबंध का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी को आवश्यक सहायता प्रदान करेंगे।'
केरल में मंदिरों का प्रबंधन देखने वाले टीडीबी ने 18 मई को एक नया सर्कुलर जारी कर अधिकारियों से उसके तहत आने वाले धार्मिक स्थलों में आरएसएस की शाखाओं या सामूहिक अभ्यास पर प्रतिबंध लगाने के उसके पहले के आदेश का कड़ाई से पालन करने को कहा था। सर्कुलर में टीडीबी ने कहा था कि इस संबंध में उसके 2021 के आदेश का पालन करने से इनकार करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।