पर्यटन मंत्री आनंद सिंह और मुख्यमंत्री बोम्मई
- फोटो : ani
विभाग आवंटन पर नाराज चल रहे पर्यटन मंत्री आनंद सिंह ने अपना कार्यालय बंद करने के बाद कहा कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वह अपना इस्तीफा सौंप देंगे। लेकिन एक विधायक के रूप में बने रहेंगे।
उन्होंने कहा, मैंने पार्टी नेतृत्व से अनुरोध किया था। मैं सिर्फ यही कह सकता हूं कि मेरे अनुरोध पर विचार नहीं किया गया। लेकिन मैं इसके खिलाफ कोई टिप्पणी या आलोचना नहीं कर सकता।
आगे कहा कि अब मुझे एहसास हुआ कि मैं गलत धारणा में जी रहा था कि राज्य में कई राजनेता मेरे लिए खड़े हैं। मुझे यकीन था कि राजनीति में मेरे लिए बड़े लोग और दोस्त तैयार हैं। लेकिन यह मेरा भ्रम था। मुझे अपने नेताओं पर भरोसा है लेकिन मुझे संदेह है कि क्या उन्हें मुझ पर भरोसा है।
वहीं, इस मामले में मुख्यमंत्री बसवराज एस बोम्मई ने कहा कि वे इस बार में उनसे बात करेंगे। उन्होंने कहा, मैं और आनंद सिंह तीन दशक से मित्र हैं। हम लगातार एक-दूसरे के संपर्क में रहे हैं। मैंने मंगलवार को भी उनसे बात की थी। मैं आगे भी उनसे बात करूंगा। मुझे उनके विचारों के बारे में पता है और मैंने अपने विचार भी उन्हें बता दिए हैं। जब वे मुझसे आकर बातचीत करेंगे, तो सब ठीक हो जाएगा।
सिंह के साथ हाल ही में हुई मुलाकात के दौरान इस्तीफा सौंपने के सवाल पर बोम्मई ने कहा, हमने केवल बातचीत की है। उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है। सिंह के करीबी सूत्रों का कहना है कि वह वन विभाग चाहते थे, जो येदियुरप्पा सरकार में भी उनके पास था। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा के बगैर पर्यटन, पारिस्थितिकी और पर्यावरण विभाग उन्हें दिया गया है।