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Karnataka HC: एकसाथ कई कोर्स करने के बावजूद सीए के तौर पर काम करेगी छात्रा, हाईकोर्ट ने दी पंजीकरण की अनुमति

Sun, 17 Dec 2023 05:45 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

वह एक साथ यह कोर्स नहीं कर सकती थी। इसे नकारते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि अपने बचाव में आईसीएआई खतरा मोल लेने वाले तर्क दे रहा है, फाउंडेशन कोर्स फाइनल कोर्स का हिस्सा होते हैं और उसने फाइनल कोर्स के लिए खुद अनुमति दी थी।
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Karnataka High Court - फोटो : Social Media
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विस्तार
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कई कोर्स एक साथ करने के बावजूद छात्रा निकिता चार्टर्ड अकाउंटेंट बनकर काम कर सकेंगी। कर्नाटक हाईकोर्ट ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) को उसे सदस्य के रूप में पंजीकृत करने के निर्देश दिए हैं। आईसीएआई ने अपने नियमों का हवाला देकर दावा किया था कि उसने छात्रा को केवल फाइनल कोर्स के लिए अनुमति दी थी, लेकिन छात्रा ने इन कोर्सेस के फाउंडेशन कोर्स पहले ही पूरे कर लिए थे।

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चार हफ्ते का दिया गया समय
वह एक साथ यह कोर्स नहीं कर सकती थी। इसे नकारते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि अपने बचाव में आईसीएआई खतरा मोल लेने वाले तर्क दे रहा है, फाउंडेशन कोर्स फाइनल कोर्स का हिस्सा होते हैं और उसने फाइनल कोर्स के लिए खुद अनुमति दी थी। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि 'हमें लगता है विद्यार्थी के लिए 'न्याय के दायरे में लचीलापन रखना' उचित होगा।' आईसीएआई को निर्देश दिए कि बिना और देरी किए छात्रा को सीए बनाए और सदस्यता दे। इसके लिए 4 हफ्ते का समय दिया गया है। 

एकसाथ कई कोर्स करने को बताया था गलत
आईसीएआई ने छात्रा से पूछा कि उसने इतने सारे कोर्स एक साथ कैसे किए? इसके बाद उसका पंजीकरण आवेदन ही रद्द कर दिया। साथ ही 10 हजार का जुर्माना भी लगाया, आरोप था कि उसने एक साथ कई कोर्स किए, यह सही नहीं था। जस्टिस एम नागप्रसन्ना के समक्ष अपने नियम 65 का हवाला भी दिया, जिसके अनुसार कई कोर्स में एक साथ पंजीकरण वाले विद्यार्थी को आर्टिकलशिप से वर्जित किया जाता है। निकिता ने कहा, हर बार नए कोर्स के लिए आईसीएआई से अनुमति मांगी थी। यह अनुमतियां उसे मिली भी थीं।

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