बसवराज एस बोम्मई होंगे कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री।
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बीएस येदियुरप्पा के इस्तीफा देने के बाद बसवराज बोम्मई कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री होंगे। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को विधायक दल की बैठक के बाद उनके नाम का एलान किया। इसके साथ ही ताजा जानकारी मिली है कि बोम्मई बुधवार सुबह 11 बजे पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।
विधायक दल की बैठक में कौन-कौन रहा शामिल?
इससे पहले प्रदेश के राजस्व मंत्री आर अशोक ने कहा था कि एक या दो दिन, या 48 घंटे में नए मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला हो जाएगा। बहरहाल, नए मुख्यमंत्री के संबंध में चर्चा के लिए बंगलूरू में विधायक दल की बैठक में भाजपा महासचिव और कर्नाटक के प्रभारी जी किशन रेड्डी, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नलिन कुमार कतिल और सीएम पद से इस्तीफा दे चुके येदियुरप्पा व अन्य नेता शामिल हुए।
पिता एसआर बोम्मई भी रह चुके हैं सीएम
भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले सीएम पद की रेस में कई नामों को लेकर कयास लगाए जाते रहे। सूत्रों ने भी बीजेपी के लिंगायत विधायकों में बसवराज बोम्मई का नाम सबसे आगे होने की बात कही थी। खास बात यह है कि बोम्मई को बीएस येदियुरप्पा का करीबी माना जाता है और वह 'जनता परिवार' से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता एसआर बोम्मई भी कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। सूत्रों ने यह भी कहा था बसवराज बोम्मई के नाम पर सहमति बन चुकी है। सूत्रों ने कहा था कि येदियुरप्पा ने ही पार्टी आलाकमान को बोम्मई का नाम सुझाया था। वैसे सीएम पद की रेस में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष के अलावा मुर्गेश निरानी और अरविंद बल्लाड का नाम भी चर्चा में रहा।
हर कोई सीएम बनना चाहता है
इससे पहले राजस्व मंत्री अशोक ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पार्टी आलाकमान जो भी फैसला करेगा, भाजपा की राज्य इकाई उसका पालन करेगी। आर अशोक ने कहा कि हर कोई आकांक्षी है, हर कोई सीएम बनना चाहता है। लेकिन सीएम तो केवल एक ही बनेगा। इसलिए हम पार्टी आलाकमान के फैसले का पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि हर कोई फैसलों का पालन करेगा।
येदियुरप्पा ने सोमवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया और उन्हें अगले मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में बने रहने के लिए कहा था। अपने पद से इस्तीफा देने के बाद येदियुरप्पा ने यह आश्वासन दिया कि 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों से पहले वे आगामी चुनावों में पार्टी को सत्ता में वापस लाने के लिए काम करेंगे।