मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल को पीड़ा बताते हुए मृतका के पिता ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के चेस्ट विभाग के सहायक अधीक्षक ने उनको फोन पर बेटी की आत्महत्या की जानकारी दी। फोन करने वाले ने अपना नाम नहीं बताया था। आरोप है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मामले को दबाने की कोशिश की।
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की जूनियर डॉक्टर की हत्या को पहले कॉलेज प्रशासन ने आत्महत्या बताया। डॉक्टर के परिजनों ने कॉलेज प्रशासन पर आरोप लगाए हैं। डॉक्टर के पिता ने कहा कि उनको मेडिकल कॉलेज से फोन किया गया और बताया गया कि आपकी बेटी ने आत्महत्या कर ली है। जब हम मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो देखा कि बेटी का शव पड़ा था। उसके कपड़े फटे थे। शरीर पर चोटों के निशान थे और उसका दुष्कर्म हुआ था। इसे लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल को पीड़ा बताते हुए मृतका के पिता ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के चेस्ट विभाग के सहायक अधीक्षक ने उनको फोन पर बेटी की आत्महत्या की जानकारी दी। फोन करने वाले ने अपना नाम नहीं बताया था। आरोप है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मामले को दबाने की कोशिश की।
जूनियर डॉक्टर की मां ने आरोप लगाया कि अस्पताल पहुंचने के बाद उनको बेटी का शव नहीं देखने दिया गया। मेरे विनती करने और पैरो में गिरने के बाद भी डॉक्टर नहीं पसीजे। काफी देर बाद हमें शव देखने दिया गया। परिजनों ने बताया कि घटना से कुछ देर पहले बेटी ने फोन पर मां से बात की थी। परिजन अगले साल उसकी शादी करने वाले थे।
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परिजनों का आरोप है कि चेस्ट विभाग का कोई व्यक्ति घटना में शामिल है। उन्होंने पूरे विभाग के डॉक्टर और कर्मचारियों की जांच की मांग की। उनकी बेटी की किसी से दुश्मनी नहीं थी। ऐसे में यह सुपारी हत्या नहीं हो सकती। परिजनों ने कहा कि अब उनको बेटी तो वापस नहीं मिलेगी, लेकिन हम चाहते हैं कि उसको न्याय मिले। वह लोगों की सेवा करने गई थी और खुद को बलिदान कर दिया।
परिजन बोले कि यह न्याय के अलावा कुछ और नहीं चाहिए। परिजनों के आरोप लगाने के बाद पुलिस ने चेस्ट विभाग के विभागाध्यक्ष और सहायक अधीक्षक को पूछताछ के लिए तलब किया है। उनसे पूछा जाएगा कि उन्होंने परिवार को आत्महत्या की जानकारी क्यों दी?