जवाहर नवोदय विद्यालय में पिछले दस सालों में छात्रों द्वारा आत्महत्या के कारणों की अब टास्क फोर्स जांच करेगी। केंद्र सरकार ने मनोचिकित्सक डॉ. जितेंद्र नागपाल की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टास्क फोर्स गठित की है। टास्क फोर्स जवाहर नवोदय विद्यालय स्कूलों के गठन से लेकर अब तक कितने छात्रों ने आत्महत्या की है, उसकी जांच करेगी। टास्क फोर्स को एक महीने में अपनी रिपोर्ट सरकार को देनी होगी।
मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर के मुताबिक, जवाहर नवोदय विद्यालय स्कूलों में पिछले दस सालों में 49 छात्रों ने आत्महत्या की है। रेजिडेंशियल स्कूलों में छात्रों ने किन कारणों के चलते आत्महत्या की है, उसकी पूरी जांच की जाएगी। मनोचिकित्सक डॉ. जितेंद्र नागपाल इस टॉस्क फोर्स के चेयरमैन होंगे। जबकि एनसीईआरटी, एनसीपीसीआर व जवाहर नवोदय विद्यालय के सदस्य सचिव इस टॉस्क फोर्स के सदस्य नियुक्त किए गए हैं।
टास्क फोर्स कारणों की जड़ तक जांच करेगी, ताकि रिपोर्ट के आधार पर समाधान किया जा सके। जावडेकर ने नवोदय विद्यालय को आवासीय विद्यालय शिक्षा का एक बेहद सफल माध्यम करार देते हुए कहा कि 12वीं कक्षा में यहां के छात्रों के उत्तीर्ण होने का औसत 98 प्रतिशत रहा है। जबकि सीबीएसई स्कूलों में पास फीसदी 82 प्रतिशत है।
सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय स्कूलों में छात्रों में नियमित काउंसलिंग के लिए काउंसलर नियुक्ति करने की भी तैयारी कर रही है। जवाहर नवोदय विद्यालय समिति ने मंत्रालय से काउंसलर नियुक्त करने की मांग रखी थी। इसमें प्रति स्कूल दो काउंसलर (एक महिला व एक पुरुष ) तैनात करने पर प्रस्ताव तैयार हो रहा है।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी मानव संसाधन विकास मंत्रालय को इसमामले पर नोटिस भेजा है। इसके माध्यम से मंत्रालय को कारणों सहित छह सप्ताह के भीतर जवाब देना है।