6. पथराव 85 फीसदी तक घट गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक 2019 में 1990 से अधिक पथराव की घटनाएं हुई थीं। वहीं 2020 में ऐसी 250 घटनाएं रिपोर्ट हुई।
7. प्राइम मिनिस्टर डेवलपमेंट प्लान के तहत उसका व्यय अब बढ़कर 67 फीसदी हो गया है।
8. जम्मू-कश्मीर में अब आईआईटी, आईआईएम है।
9. दो-दो केंद्रीय विश्वविद्यालय है, निफ्ट है।
10. दो एम्स का निर्माण हो रहा है।
11. दो कैंसर इंस्टीच्यूट बन रहे हैं।
12. सात पैरामेडिकल और नर्सिंग कॉलेज बन रहे हैं।
13. बाम्बे स्टॉक एक्सचेंज के साथ मिलकर एक 360 डिग्री फाइनेंसियल सर्विस की ट्रेनिंग युवाओं को दी जा रही है।
14. टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से कौशल विकास का काम चल रहा है।
15. महिला उद्यमियों के लिए ‘हौसला’ योजना बनाई गई है।
16. सरकार की प्राथमिकता कश्मीरी पंडितों को प्रदेश में बसाना है। कश्मीरी पंडितों के लिए वन रुम सेट वाले 1800 फ्लैट बन रहे हैं।
17. जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने के बाद केंद्र ने वहां सत्ता के विकेंद्रीकरण के प्रयास तेज किए। इसके तहत ही वहां पहले पंचायत और फिर बीडीसी चुनाव कराए गए।
18. यहां के निवासी बनने के नियमों में बदलाव किया गया है। अब दूसरे राज्यों के ऐसे पुरुषों को वहां का स्थायी निवासी बनाने की व्यवस्था की गई है, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर की लड़की से शादी की है। अभी तक ऐसे मामलों में महिला के पति और बच्चों को जम्मू-कश्मीर का स्थायी निवासी नहीं माना जाता था।
19. केंद्र ने घाटी से बाहर के लोगों को कश्मीर में गैर-कृषि योग्य जमीन खरीदने की अनुमति दे दी है। पहले जम्मू-कश्मीर के लोग ही ऐसा कर सकते थे।
20. प्रशासन को जवाबदेह बनाया जा रहा है। सिटिजन चार्टर लागू किया है। हर काम के लिए एक समय-सीमा तय की गई है।