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कांग्रेस: पीके के प्रवेश पर राहुल-प्रियंका की हां, सोनिया की मंजूरी का इंतजार, पार्टी नेताओं में खलबली

Wed, 04 Aug 2021 11:20 PM IST
सुरेंद्र जोशी शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस में अब नई खलबली मची है। चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर के प्रवेश को लेकर अटकलें तेज हैं। कहा जा रहा है कि राहुल व प्रियंका गांधी की इस पर हां हो चुकी है। 

 
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विस्तार
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क्या चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर सच में कांग्रेस पार्टी का हिस्सा बनने वाले हैं? उन्हें लेकर लगाई जा रही अटकलों ने पार्टी के कुछ बड़े और खासकर युवा नेताओं की चाय की प्याली में तूफान ला रखा है। एक दो नेता तो व्यंग भरे लहजे में कहते हैं, 'आ जाएं वह भी। थोड़ा हुनर दिखा दें।'  

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कांग्रेस के युवा नेताओं की भाषा से लगता है कि उन्हें प्रशांत किशोर के नाम और चेहरे से जलन सी हो रही है। वहीं कुछ नेताओं को लगता है कि 44 साल के प्रशांत किशोर युवा हैं। राजनीति और खासकर चुनावी राजनीति की समझ रखते हैं। उन्हें कांग्रेस जैसे धर्म निरपेक्ष सबको साथ लेकर चलने वाले दल में होना चाहिए।

प्रशांत किशोर के कांग्रेस के साथ फिर जुड़ने की खबर सबसे पहले अमर उजाला ने ही 13 जुलाई 2021 को प्रकाशित की थी। हालांकि तब सूचना समेत सब कुछ बहुत अपरिपक्व स्थिति में था। प्रशांत किशोर से मुलाकात के दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की कुछ बातें भी हुई थी। यह खबर सूत्रों के हवाले से आई थी और अब कहा जा रहा है कि जल्द ही प्रशांत किशोर की कांग्रेस में औपचारिक तरीके से एंट्री हो सकती है। बताते हैं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी प्रशांत किशोर को पार्टी शामिल कराने के पक्ष में हैं। कांग्रेस पार्टी की कार्यवाहक अध्यक्ष सोनिया गांधी को इस विषय में अंतिम फैसला लेना है।
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क्या प्रशांत किशोर के पास कोई जादू की छड़ी है?
कांग्रेस पार्टी के एक पूर्व महासचिव कहते हैं कि वह किसी कल्पना पर आधारित सवाल का जवाब नहीं देना चाहते। कुरेदने पर वह कहते हैं कि आज भी कांग्रेस पार्टी में 100 प्रशांत किशोर मौजूद हैं। यह बात अलग है कि ये 100 प्रशांत किशोर पार्टी के भीतर एक अलग छोर पर खड़े हैं। वह कहते हैं कि इससे ज्यादा इस मुद्दे पर वह कुछ नहीं कहने वाले। राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रशांत किशोर कांग्रेस में आएं। उनका स्वागत है। पार्टी ऐस हर युवा का स्वागत करती है। यदि वह पार्टी में शामिल होना चाहते हैं तो उन्हें मेरी अग्रिम शुभकामना और बधाई। लेकिन अगले सवाल पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का जवाब काफी चौंकाता है। जब उनसे जानने का प्रयास हुआ कि क्या कांग्रेस में प्रशांत किशोर के आने पर कोई बड़ा परिवर्तन आएगा? इस सवाल के जवाब में सूत्र का कहना है कि क्या उनके पास कोई जादू की छड़ी है? यह कहने बाद वह मुस्कराकर आगे बढ़ जाते हैं।
 

क्या कांग्रेस को प्रशांत किशोर जैसे नेता की जरूरत है?

इस सवाल के जवाब में पूर्वी उत्तरप्रदेश के कांग्रेस के पूर्व सांसद कहते हैं कि हर पार्टी को समझदार लोगों की आवश्यकता है। आखिर प्रशांत किशोर में बुराई क्या है? लेकिन मैं नहीं जानता कि वह कांग्रेस का हिस्सा बन रहे हैं या नहीं, क्योंकि यह प्रशांत किशोर का निजी मामला है। सूत्र का कहना है कि प्रशांत किशोर के आने से राजनीतिक अभियानों, प्रचार के तौर तरीकों, चुनाव प्रचार की रणनीतियों पर कुछ असर पड़ सकता है। जाहिर सी बात हैं कि वह कांग्रेस में आएंगे तो उनका शीर्ष नेताओं से संवाद बना रहेगा। इसके कारण बहुत सी चीजें आसान हो जाएंगी। पार्टी मुद्दे, जनता के बीच में जाने, संवाद के तरीकों मेंं उनका उपयोग कर सकती है। हालांकि यह कहना मुश्किल है कि इससे कांग्रेस को आने वाले समय में कितना फायदा मिलेगा? राज्यसभा के पूर्व सदस्य कांग्रेस के नेता और यूपी की राजनीति में सक्रिय रहने वाले नेता का कहना है कि 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में वह प्रोफेशनल्स की तरह कांग्रेस से जुड़े थे, मुझे समझ में नहीं आता कि तब कांग्रेस क्या फायदा हुआ था? हो सकता है अब हो जाए?

क्या सच में बदलने वाली है कांग्रेस?

पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी को उम्मीद है कि पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत विकल्प बनेगी। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम लगातार अपने ट्वीट से केंद्र सरकार को घेर रहे हैं। चिदंबरम का कहना है कि केंद्र की मोदी सरकार अपने दायित्व को निभा पाने में असफल है। ऐसे में देश की जनता के सामने सबसे बड़ा विकल्प कांग्रेस ही है। कांग्रेस के एक लोकसभा सांसद कहते हैं कि थोड़ा इंतजार कीजिए। सब सामने आ जाएगा। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी केंद्र सरकार को हर मोर्चे पर घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। लोकसभा और राज्यसभा दोनों में पार्टी ने आक्रमकता को अपना रखा है। 
साइकिल से संसद पहुंचे राहुल
मंगलवार को राहुल गांधी साइकिल से संसद भवन आए थे। उनके इस प्रयास ने भाजपा के तमाम नेताओं, सांसदों को तिलमिलाकर रख दिया था। दिल्ली प्रदेश के पूर्व भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी से लेकर तमाम नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। राहुल गांधी की कोशिश, यूपी में प्रियंका गांधी के प्रयास को आधार बनाकर कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि जल्द ही कांग्रेस के भीतर आपको बड़ा बदलाव दिखेगा। वह कहते हैं कि पार्टी खुद को राज्यों के विधानसभा चुनाव के लिए तैयार कर रही है। राष्ट्रीय स्तर पर कड़ी चुनौती पेश करने की तैयारी हो रही है।  
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राहुल गांधी पर भाजपा की प्रतिक्रिया देखेंगेे तो समझ में आ जाएगा

सुष्मिता देव कांग्रेस की पूर्व सांसद, महिला कांग्रेस की अध्यक्ष और तेज तर्रार नेता हैं। वह कहती हैं कि राहुल गांधी कांग्रेस की स्ट्रेंथ हैं। वह एक सांसद और पार्टी के सिपाही के तौर पर लगातार अपना काम कर रहे हैं। सुष्मिता देव का कहना है कि इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि वह (राहुल) पार्टी के किसी भी नेता से अधिक अपना आज और कल पार्टी के लिए दे रहे हैं। इसे आप भाजपा नेताओं की बौखलाहट से साफ देख सकते हैं। जब भी राहुल गांधी कुछ बोलते या कहते हैं, भाजपा के नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों की पूरी फौज राहुल गांधी के बयान को घेरने, उन्हें नीचा दिखाने में लग जाती है। सुष्मिता कहती हैं कि यह दरअसल राहुल गांधी को लेकर भाजपा का डर है। भाजपा और उसके नेता राहुल गांधी से डरते हैं।
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