कर्नाटक के आईटी मंत्री प्रियांक खरगे।
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कर्नाटक के आईटी मंत्री प्रियांक खरगे ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सेमी कंडक्टर कंपनियों को गुजरात में निवेश के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने पीएम मोदी पर आरोप लगाया कि जब शीर्ष में बैठे लोग प्रधानमंत्री की बजाय मुख्यमंत्री की भूमिका निभा रहे हैं तो कर्नाटक जैसे राज्यों को नुकसान होगा।
19 से 21 नवंबर तक होने वाले बंगलूरू टेक समिट के प्रचार कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यहां सभी राज्यों के लिए समान अवसर की बात नहीं की जा रही है। उद्योगों के लिए कर्नाटक और तमिलनाडु सही स्थान है। यहां बहुत बेहतर पारिस्थितिकी तंत्र है लेकिन दुर्भाग्य से कोई भी सेमीकंडक्टर संयंत्र हमारे पास नहीं आ रहा है। मुझे लगता है कि सेमीकंडक्टर कंपनियों पर गुजरात जाने के लिए दबाव डाला जा रहा है।
खरगे ने कहा कि केंद्र से पूछा जाए कि जब कर्नाटक में कौशल, अनुसंधान और विकास केंद्र, जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र है तो गुजरात में निवेश क्यों किया जा रहा है। कर्नाटक का पारिस्थितिकी तंत्र स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र का समर्थन करने तक ही सीमित नहीं है बल्कि वैश्विक आवश्यकता को पूरा करने के लिए है।
सांविधानिक संस्थाओं पर राजनीतिक फैसलों का बनाया जा रहा दबाव : खरगे
कर्नाटक के आईटी मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि केंद्र अपने राजनीतिक फैसले देने के लिए सांविधानिक संस्थाओं पर दबाव डाल रहा है। गैर-एनडीए दल शासित अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक में भी यही चल रहा है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के राज्यपाल भाजपा के लिए एक स्टेशन हाउस ऑफिसर की तरह काम कर रहे हैं।
सीएम सिद्धारमैया के खिलाफ हाईकोर्ट के फैसले को लेकर उन्होंने कहा कि मैं उच्च न्यायालय के फैसले पर आश्चर्यचकित नहीं हूं क्योंकि यह केंद्र सरकार की रणनीति या मानक संचालन प्रक्रिया रही है। वे सांविधानिक संस्थानों पर राजनीतिक फैसले देने के लिए दबाव डाल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल पद का दुरुपयोग किया जा रहा है। हम इसे जनता की अदालत के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट में भी लड़ेंगे।