Loan Fraud: सीबीआई के मुताबिक, सुरेंद्र कुमार ने धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए बैंकों से प्राप्त ऋण का दुरुपयोग किया और साजिश के तहत पैसे को दूसरी जगह अपनी कंपनियों में ट्रांसफर किया।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को 21 करोड़ रुपये ऋण धोखाधड़ी मामले में एक घोषित अपराधी को गिरफ्तार किया। यह धोखाधड़ी बैंक ऑफ बड़ौदा और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक से जुड़ी हुई है। उस पर फर्जी ऋण पत्र (एलसी) के आधार पर अपनी दो कंपनियों को ऋण ट्रांसफर करने का आरोप था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
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अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल अगस्त में एक विशेष अदालत ने आरोपी सुरेंद्र कुमार को एक 'घोषित अपराधी' करार दिया था। सीबीआई के मुताबिक, सुरेंद्र कुमार ने धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए बैंकों से प्राप्त ऋण का दुरुपयोग किया और साजिश के तहत पैसे को दूसरी जगह अपनी कंपनियों में ट्रांसफर किया।
सीबीआई के एक प्रवक्ता के मुताबिक, सुरेंद्र कुमार ने 2009 से 2017 के बीच ऋणदाता कंपनी के प्रमोटरों के साथ साजिश रचकर पैसे का गबन किया। बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर 23 मार्च 2021 को इस मामले में सीबीआई ने मामला दर्ज कर दिया था। इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक निजी कंपनी, उसके निदेशक और गारंटरों ने अज्ञात सरकारी और निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर 21.21 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।
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प्रवक्ता ने कहा, एजेंसी ने 12 दिसंबर 2022 को सुरेंद्र कुमार सहित आठ लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। हालांकि, सुरेंद्र कुमार ने न तो सहयोग किया और नहीं अदालत की सुनवाई में पेश हुआ। इसके बाद 25 अगस्त को 2023 को उसे सीबीआई की विशेष अदालत ने घोषित अपराधी करार दिया। इसके बाद विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
मंगलवार को सीबीआई ने उसे दिल्ली के कमला नगर इलाके से गिरफ्तार किया। उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 27 सितंबर 2024 तक तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसी मामले में एक अन्य घोषित अपराधी मोहित शाह को भी सीबीआई ने जुलाई 2024 में गिरफ्तार किया था, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।