आयकर विभाग ने रसायनों का निर्माण और रियल एस्टेट का काम करने वाली गुजरात की एक कंपनी पर छापेमारी के बाद 100 करोड़ रुपये की बेहिसाबी संपत्ति का खुलासा किया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने रविवार को यह जानकारी दी। ये छापेमारी वापी, सरीगाम (वलसाड जिले), सिलवासा और मुंबई में स्थित 20 से ज्यादा परिसरों पर 18 नवंबर को छापे मारे थे।
सीबीडीटी ने एक बयान में कहा, “समूह द्वारा बड़ी बेहिसाबी आय और संपत्ति में उसके निवेश को दर्शाने वाले दस्तावेज, डायरी में दर्ज विवरण और डिजिटल आंकड़े के रूप में आपत्तिजनक सबूत जब्त किए गए हैं।” सीबीडीटी के एक अधिकारी ने बताया कि आय को छिपाने और टैक्स नहीं देने के लिए कंपनी ने कई हथकंडे अपनाए। अधिकारी ने बताया कि कंपनी ने उत्पादन को छिपाना, खरीद को बढ़ाने के लिए माल की वास्तविक डिलीवरी के बिना फर्जी खरीद चालान का उपयोग, फर्जी जीएसटी क्रेडिट का लाभ, फर्जी कमीशन खर्च भी दिखाया गया।
ज्वेलरी, डिपॉजिट समेत नकदी बरामद
विभाग ने कहा कि अचल संपत्तियों और कार के लिए गए ऋण में निवेश और नकदी लेन-देन से जुड़े दस्तावेज भी कर अधिकारियों ने जब्त किए। साथ ही बताया कि छापेमारी के दौरान 2.5 करोड़ रुपये नकद और एक करोड़ रुपये के आभूषण भी जब्त किए गए जबकि 16 बैंक खातों से लेन-देन पर रोक लगाई गई। बयान में कहा गया, “तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों/साक्ष्यों के प्रारंभिक विश्लेषण से संकेत मिलता है कि अघोषित आय का अनुमान 100 करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना है।”