बीएसएफ का क्षेत्राधिकार बढ़ाने के केंद्र के फैसले का बंगाल की सीएम ममता बनर्जी द्वारा किए जा रहे कड़े विरोध के बीच सीमा सुरक्षा बल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस आशंका को खारिज किया है कि इससे राज्य की पुलिस के कामकाज में दखलंदाजी होगी।
बीएसएफ के दक्षिण बंगाल के आईजी अनुराग गर्ग ने कहा है कि बंगाल सरकार की चिंता 'कानून की खोखली समझ' के कारण है। आईजी गर्ग ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र 15 से बढ़ाकर 50 किलोमीटर किए जाने से राज्य सरकार को सीमा पार से होने वाले अपराधों व घुसपैठ को रोकने में मदद मिलेगी।
किसी राजनीतिक दल का नाम लिए बगैर गर्ग ने इस दावे को खारिज कर दिया कि पश्चिम बंगाल का एक तिहाई क्षेत्र बीएसएफ के अधीन आ जाएगा। उन्होंने कहा कि यह झूठा दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय बल को राज्य की पुलिस की तरह पुलिसिंग के अधिकार मिल जाएंगे।
शरारतपूर्ण दुष्प्रचार किया जा रहा
बीएसएफ के आईजी गर्ग ने कहा, 'बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने की अधिसूचना को लेकर कुछ वर्गों में यह बात फैलाई जा रही है कि इससे राज्य की पुलिस के साथ टकराव होगा और यह भारत के संघीय ढांचे के खिलाफ है। ये बातें पूरी तरह आधारहीन और शरारतपूर्ण हैं।'
घुसपैठियों को पकड़ कर पुलिस को ही सौंपा जाएगा
पीटीआई से चर्चा में बीएसएफ के आईजी गर्ग ने कहा, 'देश में घुसपैठ और बगैर वैध दस्तावेज के सीमा पार जाने की कोशिश करते हुए किसी भी व्यक्ति को बीएसएफ द्वारा पकड़े जाने के बाद पूर्व की तरह पुलिस को ही सौंपा जाएगा। मानव तस्करी के गिरोहों का पर्दाफाश करने के लिए भी इस तरह की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।'
बंगाल की सीएम ममता बनर्जी व पंजाब की कांग्रेस सरकार बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने का लगातार विरोध कर रही हैं। ममता बनर्जी ने बीते दिनों में बीएसएफ मामले को लेकर केंद्र पर कई आरोप लगाए। यहां तक कहा कि आम लोगों को प्रताड़ित करने व उनके दमन के लिए ऐसा किया गया है।