सुप्रीम कोर्ट ने पेगासस जासूसी मामले की जांच के लिए जो कमेटी गठित की है, उसके सदस्यों में खुफिया एजेंसी (बाहरी मामले) रॉ के पूर्व सेक्रेटरी और 'एनटीआरओ' जैसे अहम संगठन के अध्यक्ष रहे पूर्व आईपीएस आलोक जोशी शामिल हैं। इनके अलावा डॉ. संदीप ओबरॉय, जो अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन/अंतर्राष्ट्रीय इलेक्ट्रो-तकनीकी आयोग/संयुक्त तकनीकी समिति में उप समिति के अध्यक्ष हैं, को भी कमेटी में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। जांच कार्य में सहयोग देने के लिए गठित तीन सदस्यीय तकनीकी समिति में साइबर सुरक्षा और डिजिटल फोरेंसिक विभाग के प्रोफेसर डॉ नवीन कुमार चौधरी का नाम भी है। वे गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय में डीन के पद पर कार्यरत हैं।
2012 में रॉ सेक्रेटरी बने थे आलोक जोशी
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित जांच कमेटी की अध्यक्षता रिटायर्ड जस्टिस आरवी रवींद्रन करेंगे। उनकी अध्यक्षता में जो कमेटी बनाई गई है, उसमें हरियाणा के पूर्व आईपीएस आलोक जोशी (1976 बैच) और अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन/अंतर्राष्ट्रीय इलेक्ट्रो-तकनीकी आयोग/संयुक्त तकनीकी समिति में उप समिति के अध्यक्ष डॉ. संदीप ओबेरॉय को बतौर सदस्य शामिल किया गया है। आलोक जोशी को साल 2012 में रॉ सेक्रेटरी बनाए जाने का आदेश जारी किया गया था। वे हरियाणा में कई जिलों के एसपी रहने के बाद प्रतिनियुक्ति पर रॉ में आ गए थे। वे लंबे समय तक विदेश में भी रहे हैं। पाकिस्तान और नेपाल को लेकर उन्होंने विशेष काम किया है। विदेश से लौटने के बाद वे कुछ समय तक हरियाणा में आईजी के पद पर लगे, लेकिन जल्द ही वे दोबारा से केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर रॉ में लौट आए। रॉ से रिटायर होने के बाद 2014 में उन्हें एनटीआरओ में चेयरमैन पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।
डॉ. संदीप ओबरॉय साइबर सुरक्षा अभ्यास का मास्टर
डॉ. संदीप ओबरॉय को सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के विविध क्षेत्रों में खासा अनुभव हासिल है। वे करीब तीन दशक से उद्योग, अनुसंधान और उद्यमिता के महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। कार्यक्रमों के वितरण प्रबंधन, प्रौद्योगिकी विकास, उत्पाद विकास, व्यवसाय विकास, प्रणाली एकीकरण और अनुसंधान प्रयोगशालाओं के प्रबंधन में उनके पास व्यापक अनुभव है। डॉ. ओबरॉय को साइबर सुरक्षा अभ्यास का मास्टर कहा जाता है। उन्होंने आरएफआईडी सेंसर, एनएफसी, वेब 2.0 प्रौद्योगिकियों, उपयोगकर्ता अनुभव, सहयोग और एकीकृत संचार, क्लाउड कंप्यूटिंग और अगली पीढ़ी के नेटवर्क जैसे विशेष प्रौद्योगिकी डोमेन में वितरण प्रदान करना, आदि तकनीक पर कार्य किया है। डॉ. ओबरॉय को हाल ही में वैश्विक स्तर पर सिस्टम और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के मानकों से संबंधित तकनीकी उप-समिति के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है। उन्होंने साइबर सुरक्षा पर विशेष काम किया है।
आईओटी सिक्योरिटी एंड फोरेंसिक एक्सपर्ट हैं डॉ नवीन कुमार चौधरी
पेगासस से जुड़े आरोपों की जांच तेजी से हो सके, इसके लिए तीन तकनीकी सदस्यों को कमेटी में शामिल किया है। तीन सदस्यीय तकनीकी समिति में साइबर सुरक्षा और डिजिटल फोरेंसिक के प्रोफेसर डॉ नवीन कुमार चौधरी शामिल हैं। वे गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के डीन के पद पर कार्यरत हैं। डॉ. चौधरी के पास डिजिटल फोरेंसिक, साइबर सिक्योरिटी, ई-गवर्नेंस, ड्रोन फोरेंसिक, नेक्सट जनरेशन नेटवर्क, आईओटी सिक्योरिटी एंड फोरेंसिक, कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग और नेक्सट जनरेशन साइबर रेंज में खासा अनुभव है। दूसरे सदस्य डॉ. प्रभारन पी. अमृता विश्व विद्यापीठम, अमृतापुरी, केरल स्थित इंजीनियरिंग स्कूल में प्रोफेसर हैं। तीसरे सदस्य डॉ अश्विन अनिल गुमस्ते, महाराष्ट्र स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में (कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग) असोसिएट चेयर प्रोफेसर हैं।