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ISRO: इसरो के नए उपग्रह ईओएस-08 ने शुरू किया काम, अंतरिक्ष से भेज रहा तस्वीरें

Thu, 19 Sep 2024 11:35 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू।

सार

ISRO: इसरो ने 16 अगस्त, 2024 को पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ईओएस-08 को लॉन्च किया था। यह उपग्रह, सैटेलाइट टेक्नोलॉजी में सुधार लाने वाला एक रिमोट-सेंसिंग माइक्रोसैटेलाइट है। इसरो के मानक माइक्रोसैट/आईएमएस-1 बस पर बना यह उपग्रह, कई तरह के कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
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धरती सांकेतिक तस्वीर - फोटो : आईस्टॉक
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विस्तार
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इसरो ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसके नवीनतम पृथ्वी अवलोकन उपग्रह 'ईओएस-08' पर इलेक्ट्रो ऑप्टिकल-इन्फ्रारेड (ईओआईआर) पेलोड ने अंतरिक्ष से उत्कृष्ट थर्मल छवियां भेजनी शुरू कर दी हैं। ईओआईआर पेलोड से प्राप्त डाटा को नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (एनआरएससी-इसरो) में एल्गोरिदम और सॉफ्टवेयर की मदद से संसाधित किया जा रहा है। इस एल्गोरिदम और सॉफ्टवेयर को स्पेस एप्लिकेशन सेंटर ने विकसित किया है। इसरो की ओर से बताया गया है कि सैटेलाइट से मिली जानकारियों से कृषि, जंगल की आग के बेहतर प्रबंधन और शहरी गर्मी की चुनौतियों से निपटने के लिए किया जा सकेगा।

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 16 अगस्त, 2024 को पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ईओएस-08 को लॉन्च किया था। यह उपग्रह, सैटेलाइट टेक्नोलॉजी में सुधार लाने वाला एक रिमोट-सेंसिंग माइक्रोसैटेलाइट है। इसरो के मानक माइक्रोसैट/आईएमएस-1 बस पर बना यह उपग्रह, कई तरह के कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। उपग्रह में तीन पेलोड इलेक्ट्रो ऑप्टिकल इन्फ्रारेड पेलोड, ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम-रिफ़्लेक्टोमेट्री पेलोड, और सिक यूवी डोसिमीटर हैं। यह 475 किलोमीटर की ऊंचाई पर सर्कुलर लो-अर्थ ऑर्बिट (एलईओ) में काम कर रहा है। इसका मिशन जीवन लगभग एक साल का है।



दिन और रात दोनों समय ले सकता है छवियां
यह उपग्रह, दिन और रात दोनों समय में छवियां ले सकता है। आपदा निगरानी, पर्यावरण निगरानी, आग का पता लगाने, ज्वालामुखी गतिविधियों, और औद्योगिक और बिजली संयंत्र आपदाओं की निगरानी जैसे कामों के लिए इससे प्राप्त डाटा का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह उपग्रह, समुद्र की सतह की हवा का विश्लेषण, मिट्टी की नमी का आकलन, बाढ़ का पता लगाने, और अंतर्देशीय जल निकाय का पता लगाने में मदद करेगा।

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