नासा-इसरो सिंथेटिक एपर्चर रडार (निसार) उपग्रह को 2022 तक लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। भारत और अमेरिका ने एक सुरक्षित और स्थायी अंतरिक्ष वातावरण की परिस्थितियों को बनाने के प्रयासों को उत्प्रेरित करने के तहत स्पेस सिचुएशन अवेयरनेस इंफॉर्मेशन शेयर करने का फैसला किया है।
दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका अंतरिक्ष वार्ता जारी रखने के इरादे के साथ-साथ संभावित अंतरिक्ष रक्षा सहयोग के क्षेत्रों पर भी चर्चा की।
टू प्लस टू वार्ता के बाद भारतीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह व विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क टी एस्पर, विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने एक संयुक्त बयान जारी कर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और राष्ट्रीय वैमानिकी और अंतरिक्ष प्रशासन (नासा) के बीच चल रहे सहयोग की सराहना की।
बयान में बताया गया कि इसके साथ ही नासा-इसरो सिंथेटिक एपर्चर रडार (निसार) उपग्रह को 2022 तक लॉन्च किया जाएगा। धरती पर पैनी निगाह रखने के लिए दोनों देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों ने 2014 में निसार उपग्रह को विकसित करने और लॉन्च करने के लिए संयुक्त निसार मिशन का संचालन करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।