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ISRO: इसरो अध्यक्ष सोमनाथ बोले- चांद मिशन तब तक जारी रहेगा, जब तक कोई भारतीय चांद पर नहीं पहुंच जाता

Wed, 17 Apr 2024 07:07 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

सोमनाथ ने कहा कि इसरो अगले साल दो मानव रहित मिशन शुरू करेगा। अगर दोनों मिशन ठीक रहा तो अगले साल के अंत तक इसरो मानव मिशन को शुरू करेगा।

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एस सोमनाथ - फोटो : ANI
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विस्तार
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इसरो अध्यक्ष एस सोमनाथ ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन अपनी चंद्रयान सीरिज को तब तक जारी रखेगा, जब तक कोई भारतीय चंद्रमा पर नहीं पहुंच जाता। गौरतलब है कि पिछले अगस्त में चंद्रयान-3 ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग कर इतिहास रच दिया था।

चंद्रयान-3 से मिले डेटा की जांच शुरू

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इसरो अध्यक्ष बुधवार को एस्ट्रोनॉटिकल सोसायटी ऑफ इंडिया, अहमदाबाद द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप  में शामिल हुए थे। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा। हमने मिशन द्वारा भेजा गया डेटा भी एकत्र कर लिया है। वैज्ञानिक जांच भी शुरू हो गई है। हम चंद्रयान श्रृंखला को तब तक जारी रखना चाहते हैं जब तक कोई भारतीय चंद्रमा पर नहीं उतर जाता। हालांकि, इससे पहले हमें कई तकनीक में पारंगत होना होगा- जैसे चांद पर जाना और चांद से वापस आना। हम अगले मिशन में इसकी कोशिश करेंगे।

अगले साल दो मानव रहित मिशन शुरू करेगा इसरो
गगनयान के बारे में सोमनाथ ने कहा कि इसरो इस साल एक मानव रहित मिशन, एक परीक्षण वाहन उड़ान मिशन और एक एयरड्रॉप परीक्षण करेगा। एयरड्रॉप परीक्षण 24 अप्रैल को होगा। अगले साल दो मानव रहित मिशन होंगे। दोनों मिशन ठीक रहा तो अगले साल के अंत कर इसरो मानव मिशन को शुरू करेगा।

सी-सी नोजल की तारीफ

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नव विकसित कार्बन-कार्बन (सी-सी) नोजल के बारे में उन्होंने कहा कि यह हल्का है, जिससे पेलोड क्षमता में सुधार होगा। यह वही तकनीक है, जिसे हम पिछले कई वर्षों से विकसित करना चाह रहे थे। अब हमने इसमें महारत हासिल कर ली है। हमने इसे बनाया और फिर इंजन में इसका परीक्षण भी किया है। यह एक कार्बन-कार्बन नोजल है। धातु की तुलना में हमें इससे वजन का लाभ मिलता है। इसकी मदद से हम उच्च तापमान में भी काम कर सकते हैं। वजन कम होने से इंजन की कार्यक्षमता और पेलोड क्षमता में सुधार होता है। हम इसे पीएसएलवी में डालने जा रहे हैं।

 

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