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Budget: 'पूरी दुनिया में बढ़ी महंगाई और भारत में...' अंतरिम बजट से पहले IMF के कार्यकारी निदेशक ने कही ये बात

Thu, 01 Feb 2024 09:57 AM IST
आदर्श शर्मा बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतरिम बजट आज लोकसभा में पेश होगा। उन्होंने कहा कि सबसे पहले हमें यह ध्यान रखना होगा कि यह लेखानुदान है। पूर्ण बजट चुनाव के बाद जून या जुलाई में पेश किया जाएगा, इसलिए इस बजट में ज्यादा उपाय नहीं किए गए होंगे।
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केवी सुब्रमण्यन (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
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विस्तार
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मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतरिम बजट आज लोकसभा में पेश होगा। इसको लेकर तमाम प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई है। आईएमएफ के कार्यकारी निदेशक और भारत सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम ने भी अपनी राय दी है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले हमें यह ध्यान रखना होगा कि यह अंतरिम बजट है। पूर्ण बजट चुनाव के बाद जून या जुलाई में पेश किया जाएगा, इसलिए इस बजट में ज्यादा उपाय नहीं किए गए होंगे। मुझे लगता है कि इस बजट में सरकार पिछले वर्षों की अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाएगी। शायद कुछ नया देखने को भी मिल सकता है। हो सकता है महिलाओं से जुड़ा कुछ नया हो सकता है। मैं देख रहा हूं पिछले वर्षों के अच्छे कदमों को फिर से दोहराया जा सकता है। भारतीय अर्थव्यवस्था बहुत अच्छी स्थिति में है। 
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'महामारी के दौरान नई नीतियों को हमने अपनाया था'
केंद्रीय अंतरिम बजट के पेश होने से पहले पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम ने कहा कि मैं कहा था कि विकास दर 7 प्रतिशत से अधिक रहेगी और वास्तव में आंकड़ें यही हैं। कोविड महामारी के दौरान हमने कई नीतियों को अपनाया था, जिसका लाभ हमें देखने को मिला है। पूंजीगत व्यय में लगभग 3.5 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। जब आप विकास दर को देखते हैं, तो आपको याद होगा कि महामारी के दौरान लोगों ने इस पर विश्वास नहीं किया था। भारतीय अर्थव्यवस्था काफी मजबूत है। आईएमएफ भी इसे स्पष्ट रूप से देख सकते हैं। 
 

दुनिया के मुकाबले भारत में महंगाई काबू में- सुब्रमणयम
केंद्रीय अंतरिम बजट से पहले आईएमएफ के कार्यकारी निदेशक और भारत सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम ने कहा कि वैश्विक बाजार अभी भी पूरी तरह से ठीक नहीं हुआ है क्योंकि महामारी के दौरान खर्च के कारण महंगाई हुई। इसे नीचे लाने के लिए ब्याज दरों को बढ़ा दिया है, इसलिए ब्याज दरें अभी तक कम नहीं हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि वहीं भारत की स्थिति पूरी तरह से अलग है। भारत में महंगाई काबू में हैं। आने वाले समय में नीतिगत दरें भी कम हो सकती हैं। लेकिन आप अगर समग्र रूप से चीजों को देखते हैं तो राजकोषीय घाटा कम किया जा सकता है। चालू खाता घाटा अच्छी स्थिति में हैं। भारत में महंगाई भी नियंत्रण में है। इसलिए इसमें कोई संदेह नहीं है कि महामारी के प्रभावों पर पूरी तरह भारत ने काबू पा लिया है। 
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