ताइवान एशिया एक्सचेंज फाउंडेशन के लिए काम करने वाली सना हाशमी ने कहा भूकंप को लेकर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि ताइवान में एक व्यवस्थित प्रणाली है। जगह-जगह प्रोटोकॉल है, जिसमें कोई भ्रम नहीं है। भारत समेत कई देशों को इससे सीखना चाहिए।
ताइवान में बुधवार को आए 7.4 तीव्रता के भूकंप का महसूस करने वाले एक भारतीय शोधकर्ता ने गुरुवार को अपने अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि भारत और अन्य देश भूकंप प्रतिरोधी इमारतों के लिए सख्त बिल्डिंग कोड रखने और लागू करने के बारे में ताइवान से सीख सकते हैं। गौरतलब है कि बुधवार को इस विनाशकारी भूकंप में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई थी और तकरीबन एक हजार से अधिक लोग घायल गो गए थे। यह ताइवान का 25 वर्षों में सबसे शक्तिशाली भूकंप था।
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भूकंप से बचने के लिए ताइवान में व्यवस्थित प्रणाली- हाशमी
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि बचावकर्मियों ने गुरुवार को लापता लोगों की तलाश की और ताइवान की राजधानी से लगभग 200 किलोमीटर दक्षिण में हुआलिएन में भूकंप के कारण फंसे सैंकड़ों लोगों तक पहुंचने के लिए काम किया। थिंक टैंक की रिसर्च स्कॉलर सना हाशमी ने बताया कि वहां प्रणालियां विकसित है। बस इससे सक्रिय करने की जरूरत है। इससे समय बचाने में मदद मिलती है। जगह-जगह प्रोटोकॉल है, जिसमें कोई भ्रम नहीं है।
ताइवान में मानव जीवन का महत्व अधिक- हाशमी
ताइवान एशिया एक्सचेंज फाउंडेशन के लिए काम करने वाली हाशमी ने कहा कि ताइवान में मानव जीवन का महत्व अधिक है, बाकी सब गौण है। आपको लोगों को बचाना ही होगा। उन्होंने कहा कि वहां तीव्र भूकंप आया बावजूद बड़ी संख्या में लोगों की मौत नहीं हुईं। हाशमी ने कहा कि ताइवान में विनाशकारी भूकंप आया था, बावजूद इसके कुछ घंटों बाद परिवहन पटरी पर आ गया। बसें और मेट्रों नियमित रूप से चलने लगी। सभी अपने-अपने कार्यालय जाने लें। जल्द ही सब कुछ सामान्य हो गया। जैसे मानो कुछ हुआ ही नहीं।
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भारत को ताइवान से कुछ सीखना चाहिए- हाशमी
दिल्ली से तुलना करने पर हाशमी बोलीं, इसके बारे में तो सोच भी नहीं सकते थे। मुझे नहीं लगता कि भारत में बहुत सारी इमारतें कोड का पालन करती है। न केवल भारत में बल्कि कई देश ऐसे है जहां ये व्यवस्था ही नहीं है। शायद हमें भी ताइवान से सीखने की बहुत जरूरत है। हाशमी, जो चार साल पहले दिल्ली से ताइपे शहर आई थीं ने कहा कि शुरू में जब भी भूकंप आता था तो वह थोड़ा डर जाती थीं और मैं आपको बता दूं, यहां छोटी तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं।