ट्रेन से यात्रा करने के लिए आपको जल्द से जल्द टिकट की बुकिंग करने की आवश्यकता होती है, ताकी आपको बर्थ मिल जाए और आप आराम से सफर पूरा सकें। लेकिन अगर आप बुकिंग करने में थोड़ी भी देर करते हैं तब आपको वेटिंग नहीं तो आरएसी टिकट से संतोष करना पड़ता है। वहीं यात्री अगर वेटिंग टिकट बुकिंग करते समय भी कोड का ध्यान रखकर इसे लेते हैं तो कंफर्म होने की संभावना बढ़ जाती है। आइए टिकट पर लिखे पांच कोड के बारे में हम जानने की कोशिश करते हैं, आखिर इन कोड में ऐसा क्या है जिसके अनुसार लोग टिकट लेना सही समझते हैं...
जीएनडब्ल्यूएल (GNWL)
ट्रेन के टिकट पर लिखे इस शॉर्ट फॉर्म का मतलब जनरल वेटिंग लिस्ट होता है। टिकट में यह तब लिखा जाता है, जब यात्री किसी प्रारंभिक स्टेशन से या उसके आसपास के स्टेशनों से यात्रा शुरू करता है। वेटिंग लिस्ट में यह कोड सबसे सामान्य है। ऐसे टिकट के कंफर्म होने की संभावना अधिक होती है।
पीक्यूडब्ल्यूएल(PQWL)
ट्रेन के टिकट पर लिखे इस शॉर्ट फॉर्म का मतलब होता है पूल्ड कोटा वेटिंग लिस्ट। यानि छोटे स्टेशनों के लिए जो कंफर्म सीट का कोटा जारी किया जाता है। उस श्रेणी में उक्त टिकट के कंफर्म होने के लिए किसी भी स्टेशन पर कंफर्म टिकट यदि रद्द होती है तो पीक्यूडब्ल्यूएल वाले यात्री का टिकट कंफर्म हो जाता है।
आरएलडब्ल्यूएल(RLWL)
दूरस्थ स्थान प्रतीक्षा सूची के तहत, जिसे भारतीय रेलवे की RLWL श्रेणी के रूप में भी जाना जाता है। इसमें रेल यात्रियों को मध्यवर्ती रेलवे स्टेशनों (अर्थात प्रारंभिक स्टेशन और समाप्ति स्टेशन के बीच) के लिए ट्रेन टिकट जारी किए जाते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि आमतौर पर ये उस विशेष रेलवे मार्ग पर सबसे महत्वपूर्ण शहर होते हैं। इस कैटेगरी में टिकट के कंफर्म होने की संभावना कम होती है।
टीक्यूडब्ल्यूएल(TQWL)
तत्काल कोटा वेटिंग लिस्ट को TQWL कहा जाता है। अगर तत्काल सूची का टिकट कैंसिल होता है, तो ऐसे टिकटों की प्राथमिकता सबसे ऊपर होती है। इस श्रेणी ने रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन (RAC) का ऑप्शन नहीं मिलता। अगर ये टिकट कंफर्म नहीं होता है तो खुद-ब-खुद कैंसिल हो जाता है और पैसे आपके खाते में आ जाते हैं।
आरक्यूडब्ल्यूएल(RQWL)
यह है सबसे अंतिम वेटिंग लिस्ट है। इसका मतलब होता है रिक्वेस्ट कोटा वेटिंग लिस्ट अगर रूट में कोई पूल्ड कोटा नहीं है तो इस तरह की वेटिंग लिस्ट की अनुमति दी जाती है। आमतौर पर किसी इंटरमीडिएट स्टेशन से दूसरे इंटरमीडिएट स्टेशन के लिए टिकट बूक कराया जाता है और बाकी के किसी भी कोटे नहीं होते हैं। तब इसे रिक्वेस्ट कोटा वेटिंग लिस्ट में डाल दिया जाता है।