संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में भारत ने इशारों-इशारों में चीन पर निशाना साधा। भारत ने कहा कि हमने हमेशा राष्ट्रीय प्राथमिकताओं का सम्मान करते हुए अपने विकास साझेदारी प्रयासों के साथ वैश्विक एकजुटता को बढ़ावा देने का प्रयास किया है और यह सुनिश्चित किया है कि हमारी मदद किसी को कर्जदार नहीं बनाती।
वर्तमान अध्यक्ष मेक्सिको की अगुवाई में सुरक्षा परिषद में 'अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा का पालन: बहिष्करण, असमानता और संघर्ष' विषय पर आयोजित खुली बहस के दौरान विदेश राज्य मंत्री डॉ राजकुमार रंजन सिंह ने कहा कि चाहे वह 'पड़ोसी प्रथम' नीति के तहत भारत के पड़ोसियों के साथ हो या अफ्रीकी भागीदारों के या अन्य विकासशील देशों के साथ, 'भारत उन्हें बेहतर और सशक्त बनाने में मदद करने के लिए मजबूत समर्थन का स्रोत बना हुआ है और बना रहेगा।'
सिंह ने कहा, 'भारत ने हमेशा राष्ट्रीय प्राथमिकताओं का सम्मान करते हुए विकास साझेदारी के प्रयासों के साथ वैश्विक एकजुटता को बढ़ावा देने का प्रयास किया है और यह सुनिश्चित किया है कि हमारी सहायता, सदैव मांग-संचालित बनी रहे, रोजगार सृजन एवं क्षमता निर्माण में योगदान करे और किसी को कर्जदार बनाने जैसी स्थिति पैदा नहीं करे।'
बाइडन-शी में जल्द वार्ता की संभावना
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन व चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक वर्चुअल बैठक जल्द अगले सप्ताह आयोजित की जाएगी। इस मामले पर जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। हालांकि, बैठक को लेकर वाशिंगटन में चीनी दूतावास ने पुष्टि करने से इनकार कर दिया लेकिन व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच बैठक के विवरण को अंतिम रूप देने के लिए चर्चा जारी है।
बाइडन प्रशासन के प्रारंभिक दौर में दोनों देशों में अच्छे संकेत नहीं दिखे लेकिन अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि कि यह बैठक दो महाशक्तियों की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच संघर्ष रोकने का अच्छा तरीका है। सूत्रों ने बताया कि चीन के घरेलू कोरोना प्रतिबंधों व शी की यात्रा को लेकर अनिच्छा को देखते हुए वाशिंगटन नवंगर में वीडियो कांफ्रेंस के बारे में भी विचार कर रहा है।