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S Jaishankar: ‘भारत से अलग नहीं पीओके', जयशंकर की पाकिस्तान को दो टूक; निष्पक्ष चुनाव पर यूएन को भी दिया जवाब

Thu, 04 Apr 2024 08:53 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

PoK:  विदेश मंत्री एस जयशंकर का कहना है कि पीओके भारत का अभिन्न अंग है। उनके अनुसार सीमा पार से पाकिस्तान की तरफ से कुछ गलत हुआ तो इसका करारा जवाब दिया जाएगा। 

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विदेश मंत्री एस जयशंकर - फोटो : ANI
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विस्तार
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पीओके और आतंकवाद को लेकर भारत का रुख स्पष्ट किया है। विदेश मंत्री का कहना है कि पीओके भारत का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ भारतीय जनता पार्टी का नहीं बल्कि पूरे देश का रुख है।

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आतंकवाद का करारा जवाब मिलेगा 
विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान को लेकर मुख्य चिंता आतंकवाद है। ऐसे में अगर पड़ोसी देश की तरफ से सीमा पार कुछ भी गलत हरकत हुई तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम आतंकवाद को नजरअंदाज नहीं करेंगे और जब भी आतंकवाद पैर फैलाएगा तो हम इससे निपटेंगे क्योंकि ये ही हमारा रिकॉर्ड रहा है। 
 

निष्पक्ष चुनाव पर संयुक्त राष्ट्र को दो टूक जवाब 

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विदेश मंत्री ने भारत में होने वाले चुनावों पर संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी की टिप्पणी को लेकर जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को यह बताने की जरूरत नहीं है कि देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होने चाहिए। 
दरअसल इससे पहले संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि भारत में लोगों के राजनीतिक और नागरिक अधिकारों की रक्षा की जाएगी और इसके लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष माहौल में मतदान होगा। इसके जवाब में विदेश मंत्री ने कहा कि यूएन को हमें यह बताने की जरूरत नहीं है कि हमारे चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होने चाहिए। भारत के लोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराएंगे। इसलिए, इस बारे में चिंता न करें।


पीओके के मुद्दे पर पूरा देश एकजुट 
तिरुवनंतपुरम में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि पीओके के मुद्दे पर यह किसी एक पार्टी की स्थिति नहीं बल्कि पूरे देश की स्थिति है। उन्होंने कहा कि इसे लेकर भारत की संसद ने एकजुट रुख अपनाया, देश के हर राजनीतिक दल ने उस रुख का समर्थन किया है। इसलिए हम यह कभी स्वीकार नहीं करेंगे कि पीओके भारत का हिस्सा नहीं है।

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चीन के साथ चुनौतीपूर्ण संबंध 
चीन के साथ संबंधों के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्री ने स्वीकार किया कि भारत के पड़ोसी देश के साथ चुनौतीपूर्ण संबंध हैं लेकिन इसके लिए प्रतिस्पर्धा का रुख अपनाया जाएगा। उन्होंने स्वीकार किया कि पाकिस्तान और चीन को छोड़कर बाकी पड़ोसियों के साथ भारत के रिश्ते काफी बेहतर हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश और श्रीलंका के लोग भारत के बारे में भला सोचते हैं क्योंकि उनके सबसे गहरे आर्थिक संकट के दौरान भारत खड़ा रहा। इसके अलावा नेपाल को टीके, उर्वरक और ईंधन देने में भारत ने अहम भूमिका निभाई। 

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