बंगलूरू के कई इलाकों में धीरे-धीरे हैजा पसार रहा है। बीबीएमपी के मुख्य आयुक्त तुषार गिरि नाथ ने बताया कि मल्लेश्वरम क्षेत्र में हैजा के एक मामले की पुष्टि हुई है। हैजा एक तीव्र, दस्त संबंधी बीमारी है जो विषाक्त जीवाणु विब्रियो हैजा के साथ आंत के संक्रमण के कारण होता है।
बीते कुछ दिन पहले बंगलूरू में भीषण जल संकट देखने को मिला, अब एक और संकट बंगलूरू में दस्तक दे रही है। शहर के कई इलाकों में हैजा का प्रकोप देखा गया है। मल्लेश्वरम क्षेत्र में एक मामले की पुष्टि हुई, उसी इलाके में दो अन्य संदिग्ध मामलों के नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। मेडिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट श्रीहरि डी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में शहर में हैजा के मामलों में 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। औसतन प्रति दिन कम से कम 20 मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि खराब स्वच्छता और दूषित जल शहर में हैजा के मामलों में बढ़ोतरी का कारण है।
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धीरे-धीरे हैजा पसार रहा पैर
भले ही बृहत बंगलूरू महानगर पालिका (बीबीएमपी) ने अभी तक हैजा से संबंधित कोई एलान नहीं किया है, लेकिन उसने हैजा से बचने की सलाह जरूर जारी की है। गौरतलब है कि इसके होने से पेट की बीमारियां बढ़ रही है। बीबीएमपी के मुख्य आयुक्त तुषार गिरि नाथ ने बताया कि मल्लेश्वरम क्षेत्र में हैजा के एक मामले की पुष्टि हुई है। पत्रकारों को बात करते हुए उन्होंने कहा कि मल्लेश्वरम के एक पीजी में एक व्यक्ति हैजा से संक्रमित है, अन्य लोगों के भी परीक्षण भेजे गए हैं। हम संदूषण के स्रोत और सभी की पहचान कर रहे हैं। हम सभी एहतियाती कदम उठा रहे हैं।
आईये जानते है हैजा बीमारी आखिर क्या है?
हैजा एक तीव्र, दस्त संबंधी बीमारी है जो विषाक्त जीवाणु विब्रियो हैजा के साथ आंत के संक्रमण के कारण होता है। यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (सीडीसी) ने एक बयान में कहा कि दुनिया भर में हर साल 1.3 से 4 मिलियन लोग हैजा से पीड़ित होते हैं और 21,000 से 143,000 लोग इसकी चपेट में आते हैं।
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हैजा से बचाव के उपाय
पानी को पीने से पहले पर्याप्त रूप से उबाल लें। भोजन या खाना पकाने से पहले साबुन और पानी से हाथ जरू धोएं। खास बात है कि सभी को अधपका खाना खाने से बचना चाहिए और इसकी जगह पके हुए व्यंजन का इस्तेमाल करें।