सुप्रीम कोर्ट से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मिली अंतरिम जमानत का इंडी गठबंधन पर बड़ा असर पड़ने वाला है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, अभी बचे हुए चरणों में आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल के साथ गठबंधन के नेताओं के सियासी दौरे शुरू होंगे। चूंकि केजरीवाल की अनुपस्थिति में जिस तरह से सभी प्रमुख विपक्षी नेताओं ने सुनीता केजरीवाल के साथ दिल्ली से लेकर अन्य राज्यों में माहौल बनाकर रैलियां की थीं। वहीं अब केजरीवाल की उपस्थिति में कैंपेन को आगे बढ़ाए जाने की योजनाएं बनाई जाने लगी हैं। जानकारों की मानें, तो इन सियासी रणनीति की योजनाओं में अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल की भी महत्वपूर्ण भूमिका होनी तय मानी जा रही है।
मजबूती से भाजपा को घर सकेंगे केजरीवाल
दरअसल, गठबंधन के नेताओं ने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद जिस तरह से उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल को आगे किया, वह अब बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक जानकार और वरिष्ठ पत्रकार कुमार अनिमेष कहते हैं कि सुनीता केजरीवाल को दिल्ली के मंच से लेकर रांची के मंच तक, जिस तरह से आगे किया गया था, वह गठबंधन की एकजुटता बताता है। क्योंकि उस वक्त मनोवैज्ञानिक तौर और मानसिक तौर पर सभी गठबंधन के सहयोगियों ने सुनीता केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को सहयोग किया था। इसलिए अब गठबंधन अरविंद केजरीवाल की जमानत के बाद सियासी रूप से भाजपा को घेरने की तैयारी तो करेगा। कुमार कहते हैं कि इसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल की भी होने वाली है।
पार्टी के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह
हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत उनके सियासी राज्यों में अब बड़ा असर डाल सकती है। वरिष्ठ पत्रकार हरदीप सिंह ढिल्लों कहते हैं कि पंजाब और दिल्ली में तो केजरीवाल की जमानत के साथ उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह बढ़ गया है। उनका कहना है कि पंजाब में अभी चुनाव नहीं हुए हैं। इसलिए अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत का पंजाब चुनाव में असर देखने को मिल सकता है। ढिल्लों कहते हैं कि अरविंद केजरीवाल की अनुपस्थिति में पंजाब से लेकर दिल्ली तक में आम आदमी पार्टी के नेता लगातार उनके जेल में रहने का जिक्र कर भाजपा को घेरते आए हैं। इसलिए केजरीवाल को जमानत मिलने के बाद इसे और तेजी से बढ़ाया जाएगा। ऐसे में अब सियासी तापमान का बढ़ना तय माना जा रहा है।