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IGI Roof Mishap: ₹20 लाख मुआवजा देगा DIAL, एयरलाइंस को किराया न बढ़ाने की सलाह; चश्मदीदों के दावे चौंकाने वाले

आशीष तिवारी
Updated Fri, 28 Jun 2024 01:47 PM IST

सार

हादसे के बाद दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 पर सभी एयरलाइंस का ऑपरेशन बंद कर दिया गया। एयरपोर्ट पर आए लोगों को इस बारे में भी नहीं बताया गया कि उनकी फ्लाइट रद्द होने के बाद उनके क्या किया जा रहा है? चश्मदीदों ने आंखों देखी बयान की। सरकार की तरफ से हुई अहम पहल में विमानन कंपनियों को किराया न बढ़ाने की सलाह दी गई है। इसी बीच दिल्ली एयरपोर्ट प्रबंधन (DIAL) ने मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये, जबकि घायलों को तीन-तीन लाख की आर्थिक मदद का एलान किया है।
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IGI Airport - फोटो : Amar Ujala


विमान किराए के संबंध में केंद्र सरकार का परामर्श

इसी बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइन कंपनियों से छत गिरने की घटना के बाद राष्ट्रीय राजधानी आने-जाने वाली उड़ानों के किराये में कोई असामान्य वृद्धि न हो, यह सुनिश्चित करने को कहा है। शुक्रवार तड़के करीब 5 बजे हुए हादसे के बाद इंडिगो और स्पाइसजेट की घरेलू उड़ानों को रद्द करने की खबर आई। टर्मिनल-वन से परिचालन बाधित होने के बाद आवागमन को अस्थायी रूप से टी2 और टी3 पर स्थानांतरित किया गया। एयरलाइन कंपनियों को सलाह- दंडात्मक शुल्क न लगाएं

विमान किराये के संबंध में केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, विमानन मंत्रालय ने एयरलाइनों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि दिल्ली आने-जाने वाली उड़ानों के किराये में कोई असामान्य वृद्धि न हो। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आधिकारिक एक्स हैंडल पर कई पोस्ट आए। इन बयानों में मंत्रालय ने कहा, एयरलाइन कंपनियों को सलाह दी गई है कि हादसे के कारण उड़ानों को रद्द करने या समय बदले जाने की एवज में दंडात्मक शुल्क (penal charges) नहीं लेने का फैसला किया जा सकता है।


स्पाइसजेट और इंडिगो ने 80 से अधिक विमान रद्द किए

हादसे के बाद स्पाइसजेट ने टर्मिनल-1 से रवाना होने वाली आठ उड़ानों को रद्द कर दिया। कंपनी ने दिल्ली आने वाले चार विमानों को भी रद्द कर दिया। इसके अलावा इंडिगो ने 62 प्रस्थान और सात दिल्ली आगमन वाले विमानों को रद्द करने की घोषणा की। दोनों कंपनियों को मिलाकर 81 विमान रद्द हुए।


एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों ने हादसे के बारे में क्या बताया

इस बीच हादसे के वक्त वहां मौजूद चश्मदीदों से जब बात की गई तो एक बड़ा खुलासा हुआ। दरअसल, घटना एक चश्मदीद श्याम सिंह ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि सुबह पांच बजे के करीब जब यह घटना हुई, उस वक्त तेज बारिश हो रही थी। अचानक बहुत तेज बिजली चमकी और उसके बाद टर्मिनल वन का शेड गिर गया। उनका दावा है कि एयरपोर्ट पर बिजली गिरने से यह बड़ी घटना हुई। वहीं, वहां मौजूद एक यात्री विनोद दाहिया ने बताया कि उनके सामने ही यह हादसा हुआ। वह उस शेड के नीचे ही थे, जो गिरा है।


इस टर्मिनल पर बड़ी संख्या में आते हैं घरेलू यात्री

हादसे के बाद दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 पर सभी एयरलाइंस का ऑपरेशन बंद कर दिया गया। एयरपोर्ट पर आए लोगों को इस बारे में भी नहीं बताया गया कि उनकी फ्लाइट रद्द होने के बाद उनके क्या किया जा रहा है? दोपहर एक बज रहे हैं और अभी तक लगातार लोग टर्मिनल वन पर पहुंच रहे हैं। लोगों को इस बात की जानकारी नहीं दी जा रही है कि उनकी फ्लाइट टर्मिनल से जाएगी या नहीं? कोलकाता के लिए उड़ान भरने टर्मिनल वन पर दोपहर को 12:30 बजे पहुंचे अनिल और राकेश कहते हैं कि 3:30 बजे उनकी फ्लाइट यहीं से है। हालांकि, उनका कहना है कि अब यहां से उड़ान जाएगी या नहीं जाएगी? इसकी जानकारी उनको नहीं दी गई।




बंगलूरू जा रही सुनीता और उनके पति अपने बच्चों के साथ टर्मिनल 1 एयरपोर्ट पर सभी एयरलाइंस का ऑपरेशन बंद होने के 3 घंटे बाद भी मौजूद थे। इसकी प्रमुख वजह यही थी कि उनका यह नहीं बताया गया कि बंगलूरू की उनकी फ्लाइट अब जाएगी भी या नहीं। वह कहते हैं कि न तो टर्मिनल 1 पर कोई जानकारी देने वाला है और न ही यहां पर एयरलाइन से संबंधित कोई अधिकारी या कर्मचारी मौजूद है। फिलहाल आप ने बच्चों के साथ टर्मिनल 1 एयरपोर्ट पर जाने वाली शटल का इंतजार करते रहे हैं, लेकिन एयरपोर्ट से शटल सेवा भी बंद कर दी गई।
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वहीं, एयरपोर्ट पर काम करने वाले सूरज ने बताया कि सुबह जब घटना हुई तो मुझे मौके पर बुलाया गया। इस एयरपोर्ट पर जो शेड गिरा, बीते कई सालों से उसका कोई मेंटेनेंस नहीं हुआ था। टर्मिनल वन का एक हिस्सा हाल में ही बनाया गया था, जबकि पुराने हिस्से की देखरेख नहीं की गई। हालांकि, उन्होंने कहा कि नए टर्मिनल-1 के शेड को बनाते समय इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि यह शेड इतना पुराना है कि किसी भी वक्त भरभरा कर गिर जाएगा।


1936 के बाद एक दिन में सबसे अधिक बारिश

दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल) के संचालन का जिम्मा जीएमआर एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के पास है। हादसे के बारे में एयरपोर्ट प्राधिकरण की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि कारणों का आकलन किया जा रहा है, लेकिन प्राथमिक कारण अप्रत्याशित बारिश है। बीते 24 घंटे में 228.1 मिमी बारिश हुई, जो साल 1936 के बाद जून में एक दिन में हुई सबसे अधिक बारिश है। हादसे के तत्काल बाद दिल्ली एयरपोर्ट इमरजेंसी रिस्पांस टीम ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। रेस्क्यू टीम में अग्निशमन और मेडिकल दल शामिल थे। हादसे में आठ लोगों को मामूली चोट आई है। चार वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। चोटिल लोगों को एयरपोर्ट पर ही मेदांता सेंटर पर तत्काल चिकित्सा सहायता मुहैया कराई गई। बेहतर इलाज के लिए ईएसआई अस्पताल और भारतीय स्पाइनल इंजरी सेंटर रेफर किया गया। बाद में उन्हें सफदरजंग अस्पताल भेजा गया। हादसे में एक शख्स की दुर्भाग्यपूर्ण मौत भी हुई है।


मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये का मुआवजा

एयjपोर्ट प्रबंधन की तरफ से मृतक के परिवार को 20 लाख रुपये और मामूली रूप से घायल हुए लोगों को 3 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। DIAL तकनीकी समिति का गठन कर हादसे के कारणों की पड़ताल कर रहा है। रिपोर्ट जल्द से जल्द सामने आएगी। नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) सहित सभी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर टर्मिनल-1 विमान परिचालन को जल्द से जल्द सामान्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है।


IGI एयरपोर्ट के बारे में जानिए

वर्ष 1986 में दिल्ली हवाई अड्डे का नाम बदलकर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डा कर दिया गया। 2 मई 2006 को दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डों का प्रबंधन निजी संघ को सौंप दिया गया। दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (DIAL) GMR समूह (50.1%), फ्रापोर्ट AG (10%) और मलेशिया हवाई अड्डों (10%), भारत विकास कोष (3.9%) का एक संघ है और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के पास 26% हिस्सेदारी है।


पुराने पालम टर्मिनल को अब टर्मिनल 1 के रूप में जाना जाता है और यह सभी घरेलू उड़ानों को संभालता है। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का प्राथमिक हवाई अड्डा है, जो नई दिल्ली के शहर के केंद्र से 16 किमी (10 मील) दक्षिण पश्चिम में पश्चिम दिल्ली में स्थित है। भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नाम पर नए टर्मिनल 3 पर परिचालन शुरू होने के साथ, दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत और दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण विमानन केंद्र बन गया है।

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