उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करने वाले हैं, जिससे यूक्रेन में मॉस्को के युद्ध के लिए संभावित हथियार सौदे को लेकर पश्चिमी देशों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चांग ने एक सवाल के जवाब में कहा, 'उत्तर कोरिया परमाणु शस्त्रागार के साथ अस्तित्व का खेल खेल रहा है और अगर उत्तर कोरिया रूस को कुछ हथियार या शस्त्रागार मुहैया कराता है तो यह बहुत खतरनाक होगा, इसलिए हम इसे लेकर बहुत सतर्क हैं।' राजदूत ने कहा, 'हम उत्तर कोरियाई शासन को पहले ही चेतावनी जारी कर चुके हैं।'
जी-20 की अध्यक्षता के लिए भारत को बधाई देते हुए राजदूत ने कहा कि भारत एक विश्व नेता बनेगा। उन्होंने कहा, 'भारत और दक्षिण कोरिया की साझेदारी का मुख्य क्षेत्र रक्षा है। दोनों देश इस बात पर सहमत हुए कि कोरिया 2023-25 के दौरान चार बिलियन अमरीकी डालर की राशि प्रदान करेगा। उस परियोजना को साकार करने के लिए हमें सरकारी अधिकारियों के भीतर अधिक चर्चा की आवश्यकता है।'
उन्होंने आगे कहा, 'पहला कदम फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर करना है। इसलिए दोनों नेताओं के बीच इस पर चर्चा हुई।' जी-20 शिखर सम्मेलन 9 और 10 सितंबर को दिल्ली में आयोजित किया गया था।