भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान जांच के संदर्भ में एक एडवायजरी जारी की। इसमें कहा गया है कि ऐसे किसी भी व्यक्ति की दोबारा आरटी-पीसीआर जांच नहीं होनी चाहिए जिसकी रैपिड एंटीजन या आरटी-पीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आई हो।
आईसीएमआर ने कहा कि प्रयोगशालाओं पर भार को कम करने के लिए अंतरराज्यीय घरेलू यात्रा करने वाले स्वस्थ व्यक्तियों के लिए आरटी-पीसीआर जांच को पूरी तरह से हटाया जा सकता है। परिषद ने कहा कि जरूरी कारण से यात्रा करने वाले सभी एसिम्टोमैटिक व्यक्तियों को कोविड अनुरूप का जरूर पालन करना चाहिए।
इसके साथ ही आईसीएमआर ने कहा है कि कोविड-19 से ठीक हो चुके व्यक्तियों को अस्पताल से छुट्टी दिए जाने के समय जांच करने की जरूरत नहीं है। परिषद ने कहा है कि जेम पोर्टल पर अब कोरोना की जांच के लिए मोबाइल प्रयोगशालाएं उपलब्ध हैं और राज्यों की सरकारों से कहा है कि इनके उपयोग को प्रोत्साहित करें।
कई राज्यों में लॉकडाउन जैसी पाबंदियां
वहीं दूसरी ओर कोविड-19 के मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी पर लगाम कसने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन लगाए जाने की मांग के बीच देश के कई राज्यों में लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लगाई गई हैं। ये पाबंदियां अलग-अलग समय अवधि के लिए जारी हैं।
- दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी में 19 अप्रैल से लॉकडाउन लगा हुआ है और यह दस मई तक जारी रहेगा।
- बिहार : चार मई से 15 मई तक लॉकडाउन लगाया गया।
- उत्तर प्रदेश : सप्ताहांत लॉकडाउन दो और दिनों के लिए बढ़ाकर बृहस्पतिवार तक किया गया है।
- हरियाणा : यहां तीन मई से सात दिनों के लिए लॉकडाउन है। इससे पहले नौ जिलों में सप्ताहांत कर्फ्यू लगाया गया था।
- ओडिशा : पूरे राज्य में पांच मई से 19 मई तक 14 दिनों का लॉकडाउन लगाया गया है।
- राजस्थान : 17 मई तक लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लागू हैं।
- कर्नाटक : 27 अप्रैल की रात से 12 मई तक लॉकडाउन लगा है।