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तेलंगाना: ड्रग्स की तलाशी के लिए जबरन मोबाइल चेक कर रही थी हैदराबाद पुलिस, आईएफएफ ने भेजा कानूनी नोटिस

Sat, 30 Oct 2021 01:19 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में ड्रग्स ढूंढने की अलग ही पुलिसिया मुहिम चल रही है। दरअसल, यहां पुलिस सड़क पर आ-जा रही गाड़ियों को रोकती है और उसपर सवार लोगों की तलाशी लेती है, अगर कुछ नहीं मिलता तो फिर मोबाइल मांगती है और व्हाट्सएप चेक करती है।
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हैदराबाद पुलिस - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में ड्रग्स केस सामने आने के बाद से देश के कई राज्यों में चौकसी बढ़ा दी गई है। इसी क्रम में तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में ड्रग्स ढूंढने की अलग ही पुलिसिया मुहिम चल रही है। दरअसल, यहां पुलिस सड़क पर आ-जा रही गाड़ियों को रोकती है और उसपर सवार लोगों की तलाशी लेती है, अगर कुछ नहीं मिलता तो फिर मोबाइल मांगती है और व्हाट्सएप चेक करती है। वहीं इस बात जानकारी सामने आते ही इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन (आईएफएफ) की सहायता से स्वतंत्र गोपनीयता शोधकर्ता श्रीनिवास कोडाली  ने हैदराबाद के पुलिस आयुक्त अंजनी कुमार को कानूनी नोटिस भेज दिया है।

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कानूनी नोटिस में पुलिस आयुक्त से कहा गया है कि वह सड़कों पर लोगों के फोन की जबरन तलाशी सहित गैरकानूनी निगरानी गतिविधि को तत्काल समाप्त करे। नोटिस में आयुक्त को हैदराबाद सिटी पुलिस अधिनियम के तहत पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही और संबंधित अदालतों के समक्ष शिकायत दर्ज करने सहित उचित कार्यवाही शुरू करने के लिए भी कहा है।

लोगों की चैट में 'गांजा' जैसे शब्द खोज रही पुलिस
द सियासत डेली का एक वीडियो पिछले दो दिनों से वायरल हुआ है जिसमें पुलिस अधिकारियों को सड़क पर लोगों को जबरन रोककर उनसे फोन अनलॉक करवाकर व्हाट्सएप चेक करते हुए देखा जा सकता है। पुलिस कथित तौर पर लोगों की चैट में 'गांजा' जैसे शब्द खोज रही है। दक्षिण क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) गजराव भूपाल ने एक स्थानीय मीडिया को बताया कि हैदराबाद में गांजा की तस्करी या उपभोग करने वाले लोगों को खोजने के लिए तलाशी अभियान की उन्हें जानकारी थी। यहां तक कि उन्हें फोन की जांच के बारे में भी पता था। लेकिन उन्होंने दावा किया कि पुलिस किसी को जबरन नहीं रोक रही था जबकि लोग खुद सहयोग कर रहे थे।

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