अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन का 96वां सदस्य देश बना हंगरी
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अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन का हंगरी 96वां सदस्य देश बन गया है। बता दें इस गठबंधन का उद्देश्य जीवाश्म ईंधन जैसे ऊर्जा के गैर नवीकरणीय स्त्रोतों पर निर्भरता को कम करना है। हंगरी के गठबंधन में शामिल की जानकारी विदेश मंत्रालय ने दी। हंगरी के राजदूत इस्तवान सज़ाबो और विदेश मंत्रालय के विशेष कर्तव्य अधिकारी (ओएसडी), आर्थिक संबंध और विकास प्रशासन भागीदारी (ईआर और डीपीए) पी कुमारन के बीच बैठक के दौरान हंगरी को अनुसमर्थन का दस्तावेज सौंपा गया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए कहा कि हंगरी अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन का सदस्य बन गया है। अरिंदम बागची ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए इस बात की जानकारी दी। बता दें पिछले माह चिली अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन का 95वां सदस्य देश बना था।
क्या है अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन
बता दें कि अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन भारत और फ्रांस के संयुक्त प्रयास का परिणाम है। 116 देश आईएसए फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षरकर्ता हैं। आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) अपने सदस्य देशों में ऊर्जा पहुंच लाने, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऊर्जा संक्रमण को चलाने के साधन के रूप में सौर ऊर्जा प्रौद्योगिकियों की बढ़ती तैनाती के लिए एक कार्य-उन्मुख, सदस्य-संचालित, सहयोगी मंच है।
इसी वर्ष 31 अक्तूबर को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन की छठी बैठक आयोजित की गई थी। आईएसए के महानिदेशक अजय माथुर ने कहा था कि इस वर्ष सौर ऊर्जा में निवेश 380 अरब डॉलर होने की उम्मीद है क्योंकि पिछले वर्ष 310 अरब डॉलर का निवेश हुआ था। साथ ही कहा था कि अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) दुनिया भर में परियोजनाओं में 9.5 गीगावॉट सौर ऊर्जा की वृद्धि का समर्थन कर रहा है।