केरल उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को केंद्रीय कारागारों और अन्य जेलों में बंद कैदियों और अन्य लोगों को लगातार टीके लगाने का निर्देश दिया है ताकि वहां कोविड-19 के प्रसार को रोका जा सके।
निर्देश के साथ, अदालत ने एक कैदी के पत्र के आधार पर उसके द्वारा शुरू की गई एक याचिका का निपटारा किया, जिसमें दावा किया गया था कि राज्य की जेलों में कोई टीकाकरण नहीं किया जा रहा है।
अदालत का आदेश राज्य सरकार द्वारा यह सूचित करने के बाद आया कि केरल की जेलों में केवल 4,808 कैदी हैं और उनमें से अधिकांश को टीकाकरण की पहली खुराक दी गई है और विभिन्न आयु समूहों के कैदियों को टीका लगाने के लिए विशेष पहल की गई है।
राज्य सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि रिमांड बंदियों और अन्य का समय-समय पर टीकाकरण किया जा रहा है।
अदालत ने राज्य की दलीलों को दर्ज करते हुए निर्देश दिया, ‘हम आदेश देते हैं कि केंद्रीय कारागारों और अन्य जेलों में बंदियों और अन्य लोगों के टीकाकरण का प्रशासन लगातार किया जाए और इसकी निगरानी तिरुवनंतपुरम के कारा और सुधारक सेवाएं महानिदेशक द्वारा की जाए।