न्यायमूर्ति नितिन जामदार की खंडपीठ ने कहा कि वह 16 अक्टूबर को एमपीसीबी के बंद करने के आदेश को चुनौती देने वाली बारामती एग्रो लिमिटेड द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करेगी
एनसीपी विधायक की विनिर्माण इकाई के खिलाफ महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(एमपीसीबी) के आदेश पर रोक लगाने वाले अंतिरम आदेश पर रोक बढ़ा दी है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए अंतिरम आदेश को 16 अक्तूबर तक बढ़ा दिया है।
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न्यायमूर्ति नितिन जामदार की खंडपीठ ने कहा कि वह 16 अक्टूबर को एमपीसीबी के बंद करने के आदेश को चुनौती देने वाली बारामती एग्रो लिमिटेड द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करेगी। पीठ ने एमपीसीबी को याचिका के जवाब में अपना हलफनामा दाखिल करने का भी निर्देश दिया है। 29 सितंबर को अदालत ने एक अंतरिम आदेश में अधिकारियों को 6 अक्टूबर तक आदेश पर कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया था।
एमपीसीबी के वकील मिलिंद साठे ने सुनवाई के दौरान अदालत से रोक हटाने का आग्रह किया। साथ ही कहा कि याचिकाकर्ता की ओर से बड़े पैमाने पर उल्लंघन किया गया है। हालांकि पीठ ने कहा कि एमपीसीबी को पहले एक हलफनामे में अपनी बात रखनी चाहिए।
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फर्म के वकील अक्षय बोले, राजनीति से प्रेरित यह आदेश
फर्म के वकील अक्षय शिंदे ने कहा, यह आदेश राजनीतिक प्रभाव के कारण और वर्तमान राजनीतिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए याचिकाकर्ता कंपनी के निदेशक रोहित पवार, जो विधानसभा के सदस्य भी हैं, पर दबाव डालने के लिए दिया गया है। बता दें रोहित पवार, जो शरद पवार के पोते हैं, बारामती एग्रो लिमिटेड के सीईओ हैं।
बारामती एग्रो लिमिटेड पशु और पोल्ट्री चारा, चीनी और इथेनॉल, बिजली के सह उत्पादन, कृषि वस्तुओं, फलों और सब्जियों और डेयरी उत्पादों के व्यापार में शामिल है।