दिव्यांगता पेंशन नियमों के लिए नए संशोधित पात्रता मानदंड के संबंध में पूर्व सैनिकों द्वारा उठाई गई चिंताओं पर रक्षा सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि नियम स्पष्ट हैं। उम्मीद है कि अदालती मामले कम होंगे।
दिव्यांगता पेंशन नियमों के लिए नए संशोधित पात्रता मानदंड के संबंध में पूर्व सैनिकों द्वारा उठाई गई चिंताओं पर रक्षा सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, बहुत से लोग इन नियमों को सही से नहीं समझ पा रहे हैं। 3 अक्तूबर को मान्यता प्राप्त पूर्व सैनिक संगठनों को बुलाया गया। उन्हें स्पष्ट किया गया। उनमें से ज्यादतर संतुष्ट थे। बैठक में पूछे गए सवालों को पूर्व सैनिक कल्याण विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किए गए हैं।
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संशोधन दिव्यांगता पेंशन नियमों के दुरुप्रयोग की संभावना पर उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि नियम स्पष्ट हैं। उम्मीद है कि अदालती मामले कम होंगे और सशस्त्र बलों के सभी रैंकों के बीच बेहतर तालमेल होगा।
इस दौरान उन्होंने कहा, सबसे खास बात यह है कि इस पात्रता नियमों के प्रावधान उन व्यक्तियों पर लागू होंगे, जो 21 सितंबर 2022 के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं। इन प्रावधानों का कोई पूर्वव्यापी अनुप्रयोग नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी श्रेणी के व्यक्तियों को मृत्यु या दिव्यांगता के लिए मुआवजा दिए जाने की पात्रता में कोई बदलाव नहीं है।