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Haryana: विनेश फोगाट की संभावित सीट पर 'जेलर' को लेकर क्यों खफा हुई कांग्रेस, नए भाजपाई को बचा सकेंगे 'बाबा'!

जितेंद्र भारद्वाज
Updated Wed, 04 Sep 2024 09:45 PM IST

सार

विधानसभा चुनाव में 'चरखी दादरी' हॉट सीट मानी जा रही है। ये अलग बात है कि अभी यहां से कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार का नाम सामने नहीं आया है। 2019 में सोमबीर सांगवान, चरखी-दादरी सीट पर निर्दलीय विधायक चुने गए थे।
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विनेश फोगाट। - फोटो : अमर उजाला


बता दें कि विधानसभा चुनाव में 'चरखी दादरी' हॉट सीट मानी जा रही है। ये अलग बात है कि अभी यहां से कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार का नाम सामने नहीं आया है। 2019 में सोमबीर सांगवान, चरखी-दादरी सीट पर निर्दलीय विधायक चुने गए थे। जजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले सतपाल सांगवान को 29577 वोट मिले थे। वे दूसरे नंबर पर रहे। भाजपा प्रत्याशी एवं दंगल गर्ल बबीता फोगाट को 24 हजार 786 वोट मिले थे। वे तीसरे नंबर पर रहीं। अब सतपाल सांगवान भाजपा में हैं। पिछले दिनों उनके पुत्र सुनील सांगवान, जो हरियाणा सरकार में जेलर 'जेल अधीक्षक' के पद पर कार्यरत थे, एकाएक उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ‘वीआरएस’ ले ली। इतना ही नहीं, सुनील सांगवान ने भाजपा भी ज्वाइन कर ली थी। 


प्रदेश की राजनीति के जानकारों का कहना है कि इस बार भाजपा को दादरी से बबीता फोगाट, ज्यादा मजबूत प्रत्याशी नजर नहीं आ रही थीं। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के इंटरनल सर्वे में भी यह बात सामने आई थी। मौजूदा परिस्थितियों में अगर विनेश फोगाट, दादरी से कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ती हैं तो बबीता, मुसीबत में फंस सकती थीं। यही वजह है कि भाजपा ने इस बार दादरी से सुनील सांगवान को तैयार किया है। बुधवार को भाजपा की पहली सूची में उन्हें टिकट दे दी गई है। सुनील सांगवान के पिता सतपाल सांगवान, हरियाणा में मंत्री रहे चुके हैं। उनका दादरी सीट पर खासा प्रभाव माना जाता है। 

कांग्रेस पार्टी की नेता सुप्रिया श्रीनेत द्वारा 'एक्स' पर लिखी गई पोस्ट ने सिसायत गर्मा दी है। श्रीनेत ने 'कौन इतना नादान है जो इस खबर से हैरान हैं?' के साथ सुनील सांगवान का एक फोटो भी शेयर किया है। इस फोटो पर लिखा है, अपने कार्यकाल में छह बार राम रहिम को रिहाई देने वाले जेलर सुनील सांगवान भाजपा में शामिल। बता दें कि रोहतक की सुनारियां जेल में बंद राम रहिम को इस साल कई बार पैरोल मिल चुकी है। 




जब भी उन्हें पैरोल मिलती है तो वह मीडिया की सुर्खियां बन जाती है। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल के दौरान भी राम रहिम को कई बार पैरोल दी गई थी। अब सीएम नायब सैनी के कार्यकाल में भी उन्हें पैरोल मिल रही है। चूंकि अब सुनील सांगवान, वीआरएस ले चुके हैं और उन्होंने भाजपा, ज्वाइन कर ली है। अब उन्हें टिकट भी मिल गई है। ऐसे में जानकारों का कहना है कि क्या 'बाबा', सुनील सांगवान की चुनावी दंगल में मदद कर पाएंगे। 
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