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गुजरात हाईकोर्ट का सवाल: क्या एक महिला को विवाह के बिना पैदा बच्चे के पिता का नाम बताने के लिए मजबूर किया जा सकता है?

Mon, 23 Aug 2021 07:27 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

एक नाबालिग युवती से दुष्कर्म के आरोप में निचली अदालत में दोषी करार दिए गए एक व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई करते हुए गुजरात उच्च न्यायालय ने यह सवाल पूछा।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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गुजरात उच्च न्यायालय ने यह जानने की कोशिश की है कि क्या एक महिला अपने बच्चे के पिता के नाम का खुलासा करने के लिए बाध्य है, जिसके साथ उसने विवाह नहीं किया है। न्यायाधीश परेश उपाध्याय ने यह भी पूछा कि क्या किसी ऐसी महिला के मामले में आपराधिक पहलू की तलाश की जानी चाहिए जो दुष्कर्म की शिकायत न होने पर भी बिना शादी के जन्म देने वाली बच्चे के पिता की पहचान का खुलासा नहीं करना चाहती है। 

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उच्च न्यायालय ने ये सवाल 19 अगस्त को एक मामले की सुनवाई के दौरान उठाए थे। अदालत, निचली अदालत के एक आदेश के खिलाफ दोषी की अपील पर सुनवाई कर रही थी। उल्लेखनीय है कि दोषी करार दिए गए व्यक्ति को आईपीसी की धारा 376 और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के प्रावधानों के तहत एक नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म करने के आरोप में 10 साल के लिए कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।

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