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यूपी में शुरू होंगी 6,789 करोड़ की सड़क परियोजनाएं 

Wed, 06 Jul 2016 03:57 AM IST
शिशिर चौरसिया/ अमर उजाला, दिल्ली
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नेशनल हाईवे - फोटो : अमर उजाला
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केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय इस साल उत्तर प्रदेश में 6,789.82 करोड़ रुपये की 15 सड़क परियोजनाओं का ठेका देने की तैयारी कर रही है। इन परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है और जमीन अधिग्रहण का कार्य भी तेजी से चल रहा है।
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राज्य में पहले से ही केन्द्र सरकार के कोष से 19,436 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम चल रहा है।मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण राजमार्गों को चौड़ा करने और उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के राजमार्ग में विकसित करने के लिए तो पहले से ही काम चल रहा है। अब कम महत्व वाली, लेकिन दूर-दराज के इलाकों को जोड़ने वाली सड़कों के कायापलट की तैयारी चल रही है। इसके तहत वैसी सड़कों का चुनाव किया गया है, जो इस समय एक या दो लेन की है और उस पर ज्यादा ट्रैफिक नहीं है।

राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक इस समय 838.72 किलोमीटर की 15 परियोजनाओं को चुना गया है। इसमें 6,789.82 करोड़ रुपये के निवेश की योजना है। इन परियोजनाओं में अलीगढ़ से मुरादाबाद तक का 146 किलोमीटर का हिस्सा, मेरठ से बुलंदशहर तक का 61 किलोमीटर का हिस्सा, प्रतापगढ़ से इलाहाबाद बाईपास तक का 34 किलोमीटर का हिस्सा और तुलसीपुर से बढ़नी तक का हिस्सा भी शामिल है। इनमें वाराणसी से गोरखपुर जाने वाली सड़क को भी चुना गया है, जिसे तीन पैकेजों में बांट कर काम कराया जाएगा।
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उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार इस समय उत्तर प्रदेश में 2,156 किलोमीटर की 31 बड़ी सड़क परियोजनाओं पर काम शुरू कर चुकी है। इन परियोजनाओं की कुल लागत 19,436 करोड़ रुपये आंकी गई है। इनमें आगरा में चार लेन का नया आगरा बाईपास बनाना, एनएच 24 पर मुरादाबाद से बरेली तक के हिस्से की 4 लेनिंग, इसी सड़क पर बरेली से सीतापुर तक के हिस्से की 4 लेनिंग, एनएच 2 पर इटावा से चकेरी तक के हिस्से की 6 लेनिंग, एनएच 91 पर गाजियाबाद से अलीगढ़ तक के हिस्से को नए सिरे से विकसित करना शामिल है।

अधिकारियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में 840 किलोमीटर की जिन 15 परियोजनाओं को चुना गया है, उन पर विभिन्न चरणों में काम चल रहा है। इन परियोजनाओं के लिए डीपीआर भी बनाया जा चुका है और जमीन अधिग्रहण का कार्य भी तेजी से चल रहा है। कोशिश है कि इसी साल सभी परियोजनाओं का ठेका छूट जाए। 
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