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बीजेपी शासित राज्यों में नया नेतृत्व उभारने की दिखी कवायद 

Wed, 06 Jul 2016 03:43 AM IST
हिमांशु मिश्र/ अमर उजाला, दिल्ली
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मोदी - फोटो : PTI
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मंगलवार को मोदी मंत्रिमंडल में हुए फेरबदल और विस्तार में भाजपाशासित राज्यों में सत्ता संतुलन साधने की कवायद भी साफ नजर आई। राजस्थान से जहां मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के विरोधी खेमे के तीन सांसदों को जगह दी गई, वहीं मध्यप्रदेश से सीएम शिवराज सिंह चौहान के विरोधी खेमे के अनिल माधव दवे को विस्तार में जगह दी गई है।
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चुनावी राज्य गुजरात से दो मंत्रियों की छुट्टी और पटेल बिरादरी सहित तीन सांसदों को मंत्रिमंडल मे दिए गए प्रवेश को भी राज्य में नया समीकरण उभारने की कोशिशों के रूप में देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि चुनावी तैयारियों के मद्देनजर पीएम मोदी पटेल बिरादरी के पुरुषोत्तम रुपाला का सियासी कद मजबूत बनाने में जुटे हैं। माना जा रहा है कि नवंबर में 75 साल की हो रही मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल खुद ही पद से हटने की घोषणा कर सकती हैं।

मोदी मंत्रिमंडल में विस्तार के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पार्टीशासित राज्यों में भविष्य के लिए नया नेतृत्व तैयार करने रणनीति भी साफ दिख रही है। खासतौर से मूलरूप से राजस्थान के जिन तीन सांसदों को मंत्रिमंडल में जगह मिली है उनमें सभी वसुंधरा विरोधी खेमे के हैं।
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गौरतलब है कि राज्य की सभी सीटों पर काबिज भाजपा के ज्यादातर सांसद वसुंधरा के करीबी हैं। मगर इस विस्तार में उन चेहरों को जगह दी गई है जो वसुंधरा खेमे के नहीं है। इससे साफ संदेश गया है कि पीएम मोदी ने विस्तार के जरिए राज्य में सत्ता संतुलन साधने के साथ ही नया नेतृत्व तैयार करने पर भी जोर दिया है। खासतौर से चुनावी राज्य गुजरात के लिए भी इस विस्तार के कई संकेत हैं। इस विस्तार में पटेल बिरादरी के दो और अनुसूचित जनजाति के एक सांसद को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है।

जाहिर है कि राज्य में चल रहे पटेल आरक्षण आंदोलन के कारण संभावित नुकसान को साधने के लिए ही पीएम मोदी ने राज्य में बेहद लोकप्रिय इसी बिरादरी के रुपाला का सियासी कद और मजबूत बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। चूंकि गुजरात में अनुसूचित जनजाति वर्ग की आबादी भी प्रभावी है। इसलिए इस बिरादरी के भी एक राज्यसभा सांसद को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। चूंकि राज्य में इसी साल नेतृत्व परिवर्तन की पूरी संभावना है। ऐसे में विस्तार के जरिए राज्य की भावी राजनीति का भी इसमें संदेश छिपा है।
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