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अच्छी खबर : कोरोना काल में रोज 56 से ज्यादा स्टार्टअप का पंजीयन, 45 फीसदी में कमान महिलाओं के हाथ

राहुल संपाल, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sun, 06 Jun 2021 09:02 PM IST

सार

देश में उद्यमशीलता व रोजगार को बढ़ावा देने में स्टार्टअप योजना सफल साबित हो रही है। इसमें देशभर में नए कारोबार शुरू हुए हैं। सरकार भी इन्हें बढ़ावा दे रही है। 
 
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Startup


स्टार्टअप्स योजना शुरू होने के 808 दिनों में ही 10,000 से अधिक स्टार्टअप बन पाए थे। योजना के पहले वर्ष 2016-2017 में कुल 743 स्टार्टअप्स को मान्यता दी गई थी। बीते वित्त वर्ष 2020-2021 में 16,000 से अधिक स्टार्टअप्स को मान्यता मिली है, जो कि भारत में स्टार्टअप की तेजी को दर्शाता है। 2020-21 के दौरान स्टार्टअप ने करीब 1.7 लाख नौकरियां उपलब्ध कराई हैं।


जून 2016 में पीएम ने की थी शुरुआत

पीएम मोदी ने 16 जून 2016 को स्टार्टअप इंडिया की शुरुआत की थी। इस स्कीम का मकसद स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देना और देश में इनोवेशन व आंत्रप्रेन्योरशिप के लिए एक बेहतर माहौल तैयार करना था। डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड स्टार्टअप स्कीम के लिए नोडल एजेंसी के रूप में काम करता है। 3 जून, 2021 तक, डीपीआईआईटी की ओर से 50,000 स्टार्टअप को मान्यता दी गई है, जिनमें से 19,896 स्टार्टअप को 1 अप्रैल, 2020 के बाद मान्यता मिली है।


देश के 623 जिलों तक हुआ विस्तार

फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के मुताबिक, कोरोना में ऑनलाइन कारोबार ने जोर पकड़ा है। इसका फायदा टेक स्टार्टअप को हुआ। कोरोना में रुकी फंडिंग सितंबर के बाद दोबारा शुरू हो गई। इससे उनकी ग्रोथ को बढ़ावा मिला। छोटी इंडस्ट्रीज या उद्योग-धंधे भी टेक्नोलॉजी को अपना रहे हैं, जिसके चलते टेक-स्टार्टअप का काम और बढ़ सकता है।


स्टार्टअप इंडिया योजना के शुभारंभ के साथ, मान्यता प्राप्त स्टार्टअप का विस्तार अब 623 जिलों तक हो गया हैं। इस समय देश के प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में कम से कम एक स्टार्टअप है। देश मे 30 से अधिक (राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मिलाकर) स्टार्टअप्स की इस श्रृंखला को समर्थन देने के लिए विशिष्ट स्टार्टअप नीतियों की भी घोषणा की है। इस लिस्ट में महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और गुजरात के स्टार्टअप्स की संख्या सबसे ज्यादा है।


बढ़ रहे हैं रोजगार के अवसर

डीपीआईआईटी के जरिए स्टार्टअप इंडिया ने देश की स्टार्टअप अर्थव्यवस्था के लिए पहचाने गए प्रमुख क्षेत्रों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 10,000 करोड़ रुपये के फंड ऑफ फंड्स स्कीम और 945 करोड़ रुपये के स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम (एसआईएसएफएस) के जरिए स्टार्टअप्स के लिए पूंजी जुटाने के अवसर बढ़े हैं।


मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स ने देश के रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसमें प्रति स्टार्टअप औसतन 11 कर्मचारियों के साथ 48,093 स्टार्टअप्स ने 5,49,842 नौकरियों के अवसर पैदा करने की जानकारी दी है। वर्ष 2020-21 में मान्यता प्राप्त स्टार्टअप द्वारा लगभग 1.7 लाख लोगों के लिए नौकरियां सृजित की गईं।

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