बांग्लादेश के राजनीतिक घटनाक्रम पर जर्मनी की प्रतिक्रिया
- फोटो : ANI
बांग्लादेश में राजनीतिक संकट के बीच आज अंतरिम सरकार का गठन हुआ है, जिसके कार्यवाहक के तौर पर मोहम्मद यूनुस ने शपथ भी ग्रहण कर लिया है। इससे पहले 15 साल तक सत्ता में रहने वाली पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने छात्रों के हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच 5 अगस्त को इस्तीफा दे दिया और देश छोड़ने को मजबूर हुईं।
बांग्लादेश स्थिति पर बारीकी से नजर- जर्मन राजदूत
वहीं बांग्लादेश में राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में पूछे जाने पर जर्मन राजदूत फिलिप एकरमैन ने कहा, हम बांग्लादेश में नवीनतम घटनाक्रमों को एक निश्चित चिंता के साथ देख रहे हैं और स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि सेना, जैसा कि संकेत दिया गया है, जल्द चुनाव कराएगी। हम केवल बांग्लादेश के लोगों के लिए स्थिरता और निरंतरता सुनिश्चित करके नागरिक सरकार में सुचारु परिवर्तन को प्रोत्साहित कर सकते हैं।
शेख हसीना के इस्तीफे से बदली बांग्लादेश की राजनीति
बांग्लादेश में यह घटनाक्रम शेख हसीना के बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद हुआ है। दरअसल बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर 5 अगस्त को शेख हसीना ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके कारण बांग्लादेश अस्थिर राजनीतिक स्थिति का सामना कर रहा है। सरकारी नौकरियों के लिए कोटा प्रणाली को समाप्त करने की मांग कर रहे छात्रों की तरफ से किए गए विरोध प्रदर्शनों ने सरकार विरोधी प्रदर्शनों का रूप ले लिया।
अंतरिम सरकार पर दुनिया भर की नजरें
वहीं बांग्लादेश के एक प्रमुख समाचार पत्र ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को अवामी लीग के ढाका जिला कार्यालय में आग लगा दी। प्रदर्शनकारियों ने ढाका में अवामी लीग की अध्यक्ष शेख हसीना के कार्यालय को भी निशाना बनाया। बांग्लादेश की स्थिति ने अंतर्राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया है, और कई देश इस बात पर बारीकी से नजर रख रहे हैं कि अंतरिम सरकार इस स्थिति में किस प्रकार कार्य करती है।