जोखिम वाले देशों से भारत आने वाले यात्रियों के लेकर स्वास्थ्य मंत्रियों ने नया निर्देश जारी किया है। 22 जनवरी से जोखिम वाले देशों से आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए आइसोलेशन में रहना अनिवार्य नहीं है।
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निर्देश के अनुसार, यदि कोई परीक्षण में कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है, तो उनके नमूनों को आगे आईएनएसएसीओजी प्रयोगशाला नेटवर्क में जीनोमिक परीक्षण के लिए भेजा जाना चाहिए। उन्हें निर्धारित मानक प्रोटोकॉल के अनुसार उनका इलाज किया जाएगा या अलग रखा जाएगा।
कोविन पर अब 6 सदस्य किए जा सकेंगे पंजीकृत
वहीं, सरकार ने आज कहा कि 4 सदस्यों की मौजूदा सीमा के बजाय अब कोविन पर एक मोबाइल नंबर का उपयोग करके 6 सदस्यों को पंजीकृत किया जा सकता है।