सोहराबुद्दीन शेख और उनकी पत्नी कौसर बी
सोहराबुद्दीन शेख और उसकी पत्नी कौसर बी को साल 2005 में गुजरात पुलिस ने एक एनकाउंटर में मार दिया था। पुलिस ने कहा था कि सोहराबुद्दीन आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा मॉड्यूल का हिस्सा था। यह मामला भी अदालत ने सीबीआई के हवाले किया था। इस मामले में गुजरात के तत्कालीन गृह मंत्री अमित शाह को आरोपी के रूप में नामित किया गया था। हालांकि, बाद में उन्हें क्लीन चिट दे दी गई थी।
साल 2018 में सबूतों के अभाव में सीबीआई की विशेष अदालत ने इस मामले में 22 आरोपियों को बरी किया था। सीबीआई के मुताबिक आतंकवादियों से संबंध रखने वाला कथित गैंगेस्टर शेख, उसकी पत्नी कौसर बी और उसके सहयोगी प्रजापति को गुजरात पुलिस ने एक बस से उस वक्त अगवा कर लिया था, जब वे लोग 22 और 23 नवंबर 2005 की रात हैदराबाद से महाराष्ट्र के सांगली जा रहे थे।
सीबीआई के मुताबिक शेख की 26 नवंबर 2005 को अहमदाबाद के पास कथित फर्जी मुठभेड़ में हत्या कर दी गई। उसकी पत्नी को तीन दिन बाद मार डाला गया और उसके शव को ठिकाने लगा दिया गया। साल भर बाद 27 दिसंबर 2006 को प्रजापति की गुजरात और राजस्थान पुलिस ने गुजरात-राजस्थान सीमा के पास चापरी में कथित फर्जी मुठभेड़ में गोली मार कर हत्या कर दी। अभियोजन ने इस मामले में 210 गवाहों से पूछताछ की जिनमें से 92 मुकर गए थे।
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