फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Manipur violence : जिरीबाम में फिर भड़की हिंसा, चूड़ाचांदपुर, कांगपोकपी में जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित

Sat, 28 Sep 2024 07:45 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल

सार

मणिपुर पुलिस ने बताया कि जिरीबाम जिले में शनिवार को कुछ संदिग्ध उपद्रवियों ने सुबह करीब 11.30 बजे मोंगबुंग मैतेई गांव में अंधाधुंध फायरिंग की। बताया जा रहा है कि, दोनों पक्षों की ओर से भयंकर गोलीबारी की जा रही है।
विज्ञापन
मणिपुर हिंसा (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मणिपुर में जिरीबाम जिले के एक गांव में शनिवार को कुछ संदिग्ध उग्रवादियों ने गोलीबारी की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ हथियारबंद लोगों ने पास की पहाड़ियों और आसपास के घने जंगलों से मैतेई आबादी वाले गांव  मोंगबुंग पर अंधाधुंध गोलीबारी की। जिसके बाद गांव के स्वयंसेवकों की ओर से भी जवाबी कार्रवाई में गोलीबारी की गई है।
विज्ञापन


मणिपुर पुलिस ने बताया कि जिरीबाम जिले में शनिवार को कुछ संदिग्ध उपद्रवियों ने सुबह करीब 11.30 बजे मोंगबुंग मैतेई गांव में अंधाधुंध फायरिंग की। बताया जा रहा है कि, दोनों पक्षों की ओर से भयंकर गोलीबारी की जा रही है। इस गोलीवबारी को देखते हुए महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है।

भयंकर गोलीबारी के बीच तैनात की गई फोर्स
मोंगबुंग मैतेई गांव, जिरीबाम जिला मुख्यालय शहर से सात किलोमीटर दूर स्थित है। जून में जिले में भड़की हिंसा के दौरान इस गांव में कई हमले हुए थे। ग्रामीणों के हवाले से एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कई महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मौजूदा स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाबलों को भेजा गया है। इस गोलीबारी में अब तक किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। 
विज्ञापन


सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह के बयान के विरोध में बंद
दूसरी तरफ चुराचांदपुर और कांगपोकपी जिलों में आज बंद का दूसरा दिन है। इसके कारण बाजार बंद रहे। जिले में सड़कें वीरान दिखीं। अधिकारियों ने बताया कि कुकी समुदाय की ओर से दोनों जिलों में रविवार, 29 सितंबर तक बंद का आह्वान किया है।

इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) और कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (केएसओ) सहित अन्य कुकी समुदाय सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह के बयान का विरोध कर रहे हैं। कुलदीप सिंह ने 20 सितंबर को दावा किया था कि मणिपुर में म्यांमार से 900 कुकी उग्रवादी घुस गए हैं। ये उग्रवादी ड्रोन बम, प्रोजेक्टाइल, मिसाइल और गोरिल्ला युद्ध में ट्रेंड हैं। ये 30-30 लोगों के ग्रुप में हैं और अलग-अलग क्षेत्रों में छिपे हुए हैं। वे 28 सितंबर के आसपास मैतेई गांवों पर हमले कर सकते हैं। हालांकि, राज्य सरकार ने 25 सितंबर को ऐसे किसी हमले का दावा वापस ले लिया था। 

हालांकि राज्य सरकार ने बुधवार को बयान वापस ले लिया और कहा कि, सशस्त्र समूहों द्वारा इस तरह के किसी भी दुस्साहस की संभावना बहुत कम और निराधार है। वहीं दूसरी ओर शुक्रवार को सुरक्षा बलों ने कांगपोकपी, चुराचांदपुर और थौबल जिलों से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जब्त किया।

भारी मात्रा में जब्त किए गए हथियार
पुलिस ने बताया कि मणिपुर पुलिस और असम राइफल्स की एक संयुक्त टीम ने कांगपोकपी जिले के लोइचिंग रिज से दो .303 राइफल, एक 9 एमएम पिस्तौल, मैगजीन, कारतूस, चार हथगोले, दो डेटोनेटर और एक-एक देशी मोर्टार और लंबी दूरी के इम्प्रोवाइज्ड मोर्टार जब्त किए।

पुलिस, बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) और सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के सुरक्षाबलों ने चुराचांदपुर जिले के गोथोल गांव में एक अन्य सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान दो इम्प्रोवाइज्ड मोर्टार जब्त किए गए। जिन्हें स्थानीय तौर पर पम्पी कहा जाता है। राज्य पुलिस और असम राइफल्स ने थौबल जिले में फीनोम पहाड़ी रेंज से 4 एचई-36 हैंड ग्रेनेड, दो पम्पी शेल, 3 डेटोनेटर और एक स्टन ग्रेनेड, स्टिंगर ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले भी जब्त किए। पिछले साल 3 मई से इंफाल घाटी स्थित मैतेई और मणिपुर में आसपास की पहाड़ियों पर रहने वाले कुकी लोगों के बीच शुरू हुई जातीय हिंसा में 200 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें