यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (इंडिपेंडेंट) यानी उल्फा (आई) के चार उग्रवादियों ने बुधवार को पुलिस महानिदेशक के सामने आत्मसमर्पण किया है। इस दौरान उन्होंने कुछ हथियार और गोला-बारूद भी जमा कराया। इस दौरान असम के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जीपी सिंह ने परेह बरुआ के नेतृत्व वाले उल्फा (आई) से कहा है कि वे भारतीय अधिकारियों को राज्य के कुछ हिस्सों में कठोर सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम (एएफएसपीए) को फिर से लागू करने के लिए मजबूर नहीं करें।
उन्होंने कहा कि असम अब वह राज्य नहीं है जो एक निश्चित समय पर हुआ करता था। यह अब विकास के पथ पर है। असम के डीजीपी जीपी सिंह ने उल्फा (आई) से कहा कि वह भारत में कानून प्रवर्तन एजेंसियों को राज्य के उन हिस्सों में फिर से अफस्पा लागू करने के लिए प्रोत्साहित न करें, जहां से एक श्रृंखला के तहत इसे पहले ही हटाया जा चुका है। उन्होंने कहा, असम अब वह राज्य नहीं है जो एक निश्चित समय पर हुआ करता था। यह अब विकास के पथ पर है।
जानकारी के मुताबिक कैडर दिपोक हातिबरुआ, नयन पटमौत मोंटू मोरन और पलाश मोरन ने असम के डीजीपी जीपी सिंह की मौजूदगी में अपने हथियार डाल दिए। उल्लेखनीय है कि इससे पहले ऐसी खबरें आई थीं कि उल्फा-आई पूर्वोत्तर राज्य असम में सैन्य शिविरों के पास बम विस्फोट करने की योजना बना रहा है।