पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बिष्णुपुर से तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक 2020 में स्थानीय नगर निकाय के अध्यक्ष थे। इसी दौरान भ्रष्टाचार के मामले सामने आए, जिसके बाद जांच हुई । पूर्व मंत्री जांच अधिकारी को सहयोग नहीं कर रहे थे। इसी सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी को छोड़ भाजपा का दामन थामने वाले पूर्व मंत्री श्याम प्रसाद मुखर्जी को करीब 10 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता के आरोप में रविवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बिष्णुपुर से तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक 2020 में स्थानीय नगर निकाय के अध्यक्ष थे। इसी दौरान ई-टेंडर से संबंधित कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया था। पुलिस ने जब इसकी पड़ताल की तो इसमें पूर्व मंत्री का नाम उजागर हुआ, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
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बांकुड़ा एसपी धृतिमान सरकार ने बताया कि करीब 10 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता के आरोप की बिष्णुपुर के एसडीपीओ ने जांच की थी। सवालों का सही जवाब नहीं देने पर श्याम मुखर्जी को गिरफ्तार किया है। भाजपा के बिष्णुपुर संगठन जिलाध्यक्ष सुजीत अगस्ती ने दावा किया कि मुखर्जी राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले भगवा दल में शामिल हुए थे, लेकिन वह सक्रिय नहीं हैं।