भारतीय वायुसेना ने अफगान महिला के साथ उसकी बेटी और पोते-पोतियों को भी किया रेस्क्यू।
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अफगानिस्तान से 168 लोगों को लेकर वायुसेना का विमान रविवार सुबह हिंडन एयरबेस पहुंचा। इसमें 107 भारतीय और बाकी अफगानिस्तान के नागरिक थे। काबुल से लौटी एक महिला ने बताया- "अफगानिस्तान में हालात लगातार खराब हो रहे थे। इसलिए मैं अपनी बेटी और नाती-नातिन के साथ भारत आ गई। हमारे हिंदुस्तानी भाई और बहन हमारे बचाव के लिए आगे आए। उन्होंने (तालिबान) ने मेरा घर जला दिया था। मैं मदद के लिए आगे पर भारत का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं।"
बताया गया है कि हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर अफगानिस्तान से निकाले गए लोगों का कोरोना आरटी-पीसीआर टेस्ट होगा। इस बीच स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने ऐलान किया कि अफगानिस्तान से आने वाले लोगों को मुफ्त पोलियो वैक्सीन दी जाएगी। इसी के साथ उन्होंने दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जारी एक टीकाकरण कार्यक्रम की तस्वीर भी साझा की।
इस बीच हिंडन एयरबेस पहुंचे अफगानिस्तान के एक और नागरिक ने कहा, "मैं अफगान नागरिक हूं, जबकि मेरी पत्नी भारतीय हैं। मैं भारत सरकार और विदेश मंत्रालय का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। उन्होंने बहुत मेहनत कर के हमें उस दलदल से निकाला। वहां हालात बेहद खराब हैं।" एक अन्य अफगान नागरिक वदूत शेरजाद ने न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान बताया कि हमें काफी मुश्किल का सामना करना पड़ा। हम 24 घंटे तक एयरपोर्ट में ही फंसे रहे। मैं अफगानिस्तान में भारतीय दूतावास के साथ काम करता हूं। हम सब ही एक हफ्ते से घर में फंसे थे और बाहर निकलने का कोई मौका नहीं था।