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लखीमपुर कांड पर सियासत : कांग्रेस शासित राज्यों का यूपी पर निशाना, जानिए महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पंजाब में किसानों की क्या हालत है?

हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Mon, 11 Oct 2021 05:19 PM IST

सार

क्या केवल यूपी में ही किसानों की हालत सबसे खराब है? महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पंजाब जैसे कांग्रेस शासित राज्यों में किसानों की क्या स्थिति है? पेश है रिपोर्ट...
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देशभर में किसान आंदोलन कर रहे हैं। - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले यहां किसानों को लेकर सियासत तेज हो गई है। लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के बाद विपक्ष के निशाने पर भाजपा की योगी सरकार है। कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी यूपी सरकार को घेरने में जुट गए हैं। पंजाब और हरियाणा तक सिमटे किसान आंदोलन को पश्चिमी यूपी में हवा मिलने लगी। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि क्या केवल यूपी में ही किसानों की हालत सबसे खराब है? महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पंजाब जैसे कांग्रेस शासित राज्यों में किसानों की क्या स्थिति है? पेश है रिपोर्ट...
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देशभर में किसान आंदोलन कर रहे हैं। - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले यहां किसानों को लेकर सियासत तेज हो गई है। लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के बाद विपक्ष के निशाने पर भाजपा की योगी सरकार है। कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी यूपी सरकार को घेरने में जुट गए हैं। पंजाब और हरियाणा तक सिमटे किसान आंदोलन को पश्चिमी यूपी में हवा मिलने लगी। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि क्या केवल यूपी में ही किसानों की हालत सबसे खराब है? महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पंजाब जैसे कांग्रेस शासित राज्यों में किसानों की क्या स्थिति है? पेश है रिपोर्ट...

1. राजस्थान में क्या है हालत?

कांग्रेस शासित बड़े राज्यों में शुमार राजस्थान में भी लंबे समय से किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। देशभर में चल रहे किसान आंदोलन के बीच यहां गंगानगर और हनुमानगढ़ में सरकार से सिंचाई के लिए पानी की मांग को लेकर किसान धरना दे रहे हैं। किसान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निए नियम से परेशान हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजस्थान में वसुंधरा सरकार के दौरान किसानों को सिंचाई के लिए 40 दिन में चार बार पानी दिया जाता था, जो अब घटाकर केवल एक बार कर दिया गया है। किसान इसी बात से नाराज चल रहे हैं। उधर, सरकारी मंडियों से धान खरीद की मांग कर रहे किसानों पर पुलिस ने हाल ही में लाठी चार्ज कर दिया था। 

राजस्थान में किसानों के आत्महत्या का मामला भी नहीं रूक रहा है। यहां हर साल करीब 50-60 किसानों के आत्महत्या की खबरें आती हैं। भाजपा ने हाल ही में कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया था कि राजस्थान में 2019-20 में 100 से ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की है। 

2. महाराष्ट्र : देश में सबसे ज्यादा किसान यहीं आत्महत्या करते हैं  

देश में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में ही किसानों के आत्महत्या का मामला सामने आया है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में कुल 10,281 किसानों ने आत्महत्या की थी। इनमें 38.2% किसान महाराष्ट्र के थे। इसके अलावा कर्नाटक के 19.4%, मध्य प्रदेश के 17.8%, आंध्र प्रदेश के 10%, तेलंगाना के 4.9% और छत्तीसगढ़ के 4.9% किसानों ने आत्महत्या की थी। महाराष्ट्र में कांग्रेस के समर्थन से शिवसेना ने सरकार बनाई है। 
 

3. छत्तीसगढ़ : देश का 6वां राज्य, जहां सबसे ज्यादा किसान आत्महत्या करते

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के मुताबिक, 2019 में छत्तीसगढ़ देश का 6वां बड़ा राज्य था, जहां सबसे ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की। इस बीच आत्महत्या करने वाले कुल 10,281 किसानों में 4.9% किसान छत्तीसगढ़ के थे। यहां किसानों के सामने सूखे का सबसे ज्यादा संकट रहता है। इसी के चलते यहां खेती करने वालों की संख्या भी लगातार घट रही है। केंद्र सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक दशक में यहां किसानों की संख्या 12% कम हुई है, जबकि खेतीहर मजदूरों की संख्या में 70% का इजाफा हुआ है। 

4. पंजाब : 3300 किसानों ने खुद की जान ले ली

भुखमरी और गरीबी की समस्याओं पर काम करने वाली नॉन प्रॉफिक ऑर्गेनाइजेशन 'द बॉरगन' ने पंजाब सरकार के हवाले से एक रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक, 2000-2019 के बीच पंजाब के 3300 किसानों ने आत्महत्या की है। इनमें अकेले 1500 आत्महत्याएं 2016 से 2019 के बीच हुई हैं। इनमें भी सबसे ज्यादा मालवां रीजन के किसानों ने खुद की जान ले ली। बताया जाता है कि यहां के किसानों के पास जमीन कम है। ज्यादातर किसानों के ऊपर कर्ज है। इन कर्ज से परेशान होकर किसान जान दे देते हैं। 
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