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ट्रैक्टर परेड को लेकर किसानों ने की है जबरदस्त तैयारी, सरकार को झटका देने के लिए 'प्लान बी' भी है तैयार!

Sat, 23 Jan 2021 06:37 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली की बाहरी सीमा पर बैठे किसानों ने शनिवार को ट्रैक्टर परेड की जबरदस्त तैयारी शुरू की है। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से हजारों की संख्या में ट्रैक्टर दिल्ली की सीमाओं पर पहुंचने लगे हैं...
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kisan rally, tractor rally, kisan andolan - फोटो : Amar Ujala (File)
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विस्तार
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किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच बातचीत बेनतीजा रहने के बाद अब सभी की नजरें 26 जनवरी की ट्रैक्टर परेड पर टिक गई हैं। दोनों ही पक्ष इस परेड को लेकर खास तैयारी में जुटे हैं। सरकार चाहती है कि किसी तरह ट्रैक्टर परेड टल जाए। दूसरी तरफ, किसान संगठन हैं जो दिल्ली के भीतर इस परेड को निकालने की जिद पर अड़े हैं। हालांकि दिल्ली पुलिस कोई बीच का रास्ता निकालने का प्रयास कर रही है।

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'हमारे किसान गुरिल्ला हैं, ट्रैक्टर परेड की जबरदस्त तैयारी चल रही है। अगर सरकार ने इस शांतिपूर्वक परेड में जबरन बाधा डालने का प्रयास किया तो ठीक नहीं होगा।' एआईकेएससीसी के सदस्य सरदार जगमोहन सिंह कहते हैं कि किसान संगठन शुरू से ही अपनी बात पर कायम हैं। जब तक कानून रद्द नहीं होंगे, किसान संगठन पीछे नहीं हटेंगे। गणतंत्र दिवस पर किसानों की भव्य परेड को दुनिया देखेगी।

दिल्ली की बाहरी सीमा पर बैठे किसानों ने शनिवार को ट्रैक्टर परेड की जबरदस्त तैयारी शुरू की है। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से हजारों की संख्या में ट्रैक्टर दिल्ली की सीमाओं पर पहुंचने लगे हैं। हरियाणा के बहादुरगढ़ में प्रवेश मार्ग पर बैठे किसानों के पास सुबह सवा सौ ट्रैक्टर पहुंच चुके थे। सरकार की हर चाल से किसान संगठन वाकिफ हैं, इसलिए शनिवार से ही ट्रैक्टरों में ईंधन भरवाया जा रहा है। सिंघु बॉर्डर पर भी पंजाब की तरफ से करीब पांच सौ ट्रैक्टर पहुंच गए हैं। यह संख्या उन ट्रैक्टरों की है, जो बातचीत खत्म होने के बाद आंदोलन स्थल पर पहुंचे हैं।
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ट्रैक्टर परेड की रणनीति पर काम कर रहे एक किसान नेता बताते हैं, सरकार हमें किसी भी तरह से रोक नहीं पाएगी। किसान केवल खेत में ही हल नहीं चलाते हैं, उन्हें 'गुरिल्ला नीति' का भी ज्ञान है। कितनी दूरी पर ट्रैक्टर खड़े होंगे, किस रोड पर बड़े ट्रैक्टर आगे रहेंगे और पैदल किसानों की स्थिति क्या रहेगी, ये सब बातें तय कर ली गई हैं। सरकार सोचती है कि वह ट्रैक्टर परेड आयोजित नहीं होने देगी, यह गलतफहमी है। किसान कहते हैं कि गणतंत्र दिवस पर किसान और ट्रैक्टर, दोनों ही दिल्ली में प्रवेश करेंगे।

महिलाओं को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। महिलाओं और बुजुर्ग किसान, किसी दूसरे साधन से दिल्ली पहुंचेंगे। इसके लिए तकरीबन चार सौ गाड़ियां कल तक राष्ट्रीय राजधानी में आ जाएंगी। बाइक सवार अलग से आ रहे हैं। सरकार अगर ट्रैक्टर को रोकेगी तो किसान पैदल ही दिल्ली में मार्च करेंगे, ऐसी रणनीति पर भी काम हो रहा है। किसान संयुक्त मोर्चा के योगेंद्र यादव के अनुसार, ट्रैक्टर परेड की तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही हैं।

लोगों में ट्रैक्टर परेड को लेकर भारी उत्साह है। इस परेड में महिलाओं की भारी संख्या रहेगी। केंद्र सरकार इसे केवल ट्रैक्टर परेड मान रही है, जबकि हमारा कहना है कि गणतंत्र पर ‘देश’ दिल्ली में आ रहा है। सरकार से एक ही गुजारिश है कि वह ट्रैक्टर परेड को रोकने का प्रयास न करे। किसान पहले ही कह चुके हैं कि यह ट्रैक्टर परेड शांतिपूर्वक होगी।

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