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भारत बंद ने बढ़ाई केंद्र की मुश्किलें: पूरे देश में जन-जीवन पर पड़ा असर, विपक्षी दलों के सहयोग से बढ़ी किसानों की ताकत

सार

किसानों ने गाजीपुर बॉर्डर पर एनएच-24 और एनएच-9 को बंद कर दिया था जिससे यहां से गुजरने के लिए लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, कैट के भारत बंद के समर्थन में न होने के कारण दिल्ली के बाजारों में कामकाज सामान्य रहा और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में रोज की तरह कामकाज हुआ...
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भारत बंद के चलते दिल्ली गुरुग्राम बॉर्डर पर लगा जाम - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा 27 सितंबर को बुलाया गया भारत बंद पूरे देश में व्यापक असर छोड़ने में कामयाब रहा है। पहले की ही भांति सोमवार के बंद का सबसे ज्यादा असर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में देखने को मिला जहां लगभग सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। किसानों ने सड़क-रेल मार्ग जाम कर दिए जिससे आवागमन पर काफी नकारात्मक असर हुआ। दिल्ली-एनसीआर में भारत बंद के कारण लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और लोग अपने गंतव्य तक काफी जाम में जूझने के बाद ही पहुंच सके।

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किसानों ने गाजीपुर बॉर्डर पर एनएच-24 और एनएच-9 को बंद कर दिया था जिससे यहां से गुजरने के लिए लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, कैट के भारत बंद के समर्थन में न होने के कारण दिल्ली के बाजारों में कामकाज सामान्य रहा और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में रोज की तरह कामकाज हुआ।

अब तक किसान आंदोलन को पंजाब-हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सीमित बताया जा रहा था। लेकिन कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल और आम आदमी पार्टी जैसे विपक्षी दलों के सहयोग ने किसानों की ताकत बढ़ा दी और सोमवार के भारत बंद का पूरे देश में व्यापक असर देखने को मिला। आज के भारत बंद का उत्तर भारत के बिहार से लेकर दक्षिणी भारत के चेन्नई तक में काफी असर हुआ। किसान नेता अपनी इस सफलता से उत्साहित हैं।
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संयुक्त किसान मोर्चा के नेता अविक साहा ने अमर उजाला से कहा कि आज का भारत बंद बेहद सफल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह गलतफहमी थी कि किसान आंदोलन एक छोटे से क्षेत्र में सीमित हैं और अगले लोकसभा चुनाव में इसका व्यापक असर नहीं पड़ेगा। लेकिन आज उसकी यह गलतफहमी दूर हो गई होगी। उन्होंने कहा कि आज के बंद ने यह साबित कर दिया कि यह पूरे देश के किसानों का आंदोलन है। मध्यप्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और दक्षिणी भारत के राज्यों तमिलनाडु और तेलंगाना में बंद का व्यापक असर हुआ है।

किसान नेता ने कहा कि आज देश की जनता ने अपने सफल भारत बंद के साथ सरकार को यह संदेश दिया है कि यदि वह लोगों के हितों के लिए काम नहीं करेगी तो उसे अगले चुनाव में भारी नुकसान भुगतना पड़ेगा। वह किसानों को जाति-धर्म या क्षेत्रीयता के आधार पर बांटने की कोशिश नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन से नौ महीने से चले आ रहे आंदोलन को एक नई ताकत भी मिली है।

किसान नेता प्रतिभा शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक में भी भारत बंद का काफी असर हुआ है। गुजरात के किसानों ने भारत बंद में अपना स्वैच्छिक सहयोग देकर बता दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों से उनके अपने राज्य के ही किसान सहमत नहीं हैं। किसानों की कृषि लागत पूरे देश में बढ़ी है और इससे पूरे देश के साथ-साथ गुजरात के किसानों की भी समस्या बढ़ी है।

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कैट ने कहा, कोई असर नहीं

भारत बंद पर व्यापारिक संगठन भी बंटते हुए दिखाई पड़े हैं। व्यापारिक संगठन कैट ने दावा किया है कि आज का भारत बंद पूरी तरह असफल साबित हुआ है। उनके संगठन से जुड़े व्यापारियों ने पूरे देश में अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान खोलकर रखे और व्यापार किया। संगठन ने कहा है कि भारत अनिश्चितकालीन बंद और धरने से नहीं चल सकता और आपसी बातचीत से समस्या का हल निकाला जाना चाहिए। अनिश्चितकालीन धरा-प्रदर्शन किसी समस्या का अंतिम हल नहीं हो सकता।

विपक्ष की चाल में न फंसे किसान- भाजपा

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा है कि पूरा देश जानता है कि किसानों के आंदोलन के पीछे विपक्षी दल अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों और भारत सरकार के बीच बातचीत जानबूझकर सफल नहीं होने दी जा रही है। किसानों को इस राजनीति को समझना चाहिए और अपनी समस्याओं का एक सर्वमान्य हल निकालने की कोशिश करनी चाहिए।

गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि रिपोर्ट में स्पष्ट हो गया है कि केंद्र सरकार के प्रयासों से किसानों की आय में इसमें 59 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और उनके कर्जों में कमी आई है। किसानों की महाजनों पर निर्भरता कम हुई है। सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के साथ-साथ अनेक योजनाओं से उनकी आय बढ़ाने के लिए काम कर रही है। भाजपा नेता ने कहा कि किसानों को सरकार से बातचीत कर विकास की राह पर आगे बढ़ना चाहिए।
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