फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लाखों महिलाओं की भागीदारी वाले किसान आन्दोलन में कैसे घुसे दुष्कर्मी, मेधा पाटकर के नेतृत्व में बनी कमेटी करेगी जांच

Thu, 13 May 2021 01:35 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मेधा पाटकर के नेतृत्व में बनी आठ सदस्यीय महिला सुरक्षा कमेटी दुष्कर्म के मामलों की जांच कराएगी, आन्दोलन में महिलाओं की सुरक्षा तय हो इसके लिए विशेष कदम उठाएगी...   
विज्ञापन
सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर - फोटो : अमर उजाला (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

किसान आन्दोलन में टिकरी बॉर्डर पर एक महिला के साथ हुई घिनौनी वारदात ने पूरे देश को हतप्रभ कर दिया है। स्वयं किसान नेता भी इस घटना से स्तब्ध हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि लाखों महिला किसान नेताओं की भागीदारी वाले इस आन्दोलन में इस तरह की घटना कैसे घट गई। हालांकि, अब आंदोलन से जुड़ी महिलाएं सुरक्षित रहें और किसी के साथ इस तरह की शर्मनाक हरकत दोबारा न होने पाए, इसके लिए प्रसिद्ध समाज सेवी मेधा पाटकर के नेतृत्व में आठ सदस्यीय महिला सुरक्षा कमेटी का गठन कर दिया गया है। कमेटी एक विशेष टीम के द्वारा महिला से हुए दुष्कर्म के मामले की भी जांच कराएगी और अपराधियों को कड़ा से कड़ा दंड दिलाने का काम करेगी।

विज्ञापन
Trending Videos

मेधा पाटकर ने अमर उजाला से कहा कि पूरी दुनिया में कुल श्रम आवश्यकता का दो-तिहाई केवल महिलाओं के द्वारा पूरा किया जाता है। किसानों के रूप में भी महिलाओं की भूमिका पुरुषों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। इस किसान आन्दोलन में भी महिला किसान नेताओं-कार्यकर्ताओं ने बेहद अहम भूमिका निभाई है और लाखों महिलाएं शुरुआत से लेकर अभी तक इस आन्दोलन से जुड़ी हुई हैं। महिला श्रमिकों-किसानों की पर्याप्त सक्रिय भागीदारी के बिना कोई भी आन्दोलन सफल नहीं हो सकता।    

उन्होंने कहा कि ऐसे में आंदोलन सहित सभी स्थलों पर अगर महिलाओं के सम्मान-सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकी तो आन्दोलन अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकता। वे किसान मोर्चे से दी गई जिम्मेदारी को बहुत गंभीरता से स्वीकार करती हैं और इस मामले की जांच कराने और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने में जो भी संभव हो सकेगा, वह करेंगी।
विज्ञापन

वहीं, किसान नेता प्रतिभा शिंदे ने कहा है कि महिलाओं के साथ इस तरह की घटनाएं हमारे समाज का कलंकित हिस्सा हैं। दुर्भाग्य की बात यह है कि समाज का यह हिस्सा आन्दोलन तक भी पहुंच गया। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा कमेटी इस बात को तय करेगी कि आंदोलन स्थल पर इस तरह की कोई हरकत दोबारा न हो, इसके लिए हर आंदोलन स्थल पर विशेष सुरक्षा कमेटियां बनाने के बारे में विचार किया जा रहा है। ऐसी कमेटियों को गठित करने पर भी विचार किया जा रहा है जहां कोई परेशानी होने पर महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगी।

मेधा पाटकर महिला सुरक्षा कमेटी की अध्यक्ष होंगी। उनके आलावा प्रतिभा शिन्दे, जगमती संगवान, अमरजीत कौर, कविता कृष्णन, ऋतु कौशिक, पूनम कौशिक और ऐनी राजा को इसका सदस्य बनाया गया है। कमेटी जल्द ही ऑनलाइन बैठक कर अपनी अगली रणनीति तय करेगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें