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कोरोना संक्रमण का असर: 'स्पेशल' बनकर चल रहीं सभी ट्रेनें, सुविधाओं से भी वंचित हैं यात्री

Sun, 24 Oct 2021 05:35 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

वैश्विक महामारी और कोविड प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए यात्रियों की सभी श्रेणियों की छूट (दिव्यांगजनों की चार, रोगियों और छात्रों की 11 श्रेणियों को छोड़कर) पिछले साल 20 मार्च से ही अगली सूचना तक वापस ले ली गई थी। इनमें वरिष्ठ नागरिक भी शामिल हैं, जिन्हें यात्रा किराया में मिलने वाली छूट नहीं मिल रही हैं। इस छूट को नहीं देकर रेलवे हर साल दो हजार करोड़ रुपये बचा रहा है।
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भारतीय रेलवे (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
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विस्तार
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यात्रीगण कृपया ध्यान दें। कोरोना संक्रमण अभी खत्म नहीं हुआ है, जिसकी वजह से सभी ट्रेनें स्पेशल बनकर चल रही हैं। किराया भी अधिक वसूला जा रहा है, लेकिन सुविधा खत्म कर दी गई हैं। शताब्दी, राजधानी सरीखी ट्रेनों में यात्री टिकट दर के साथ जुड़े खाने की सुविधा से भी वंचित हैं। वातानुकूलित कोच में न तो कंबल मिल रहा है और न ही आरक्षित बर्थ पर बिछाने के लिए चादर।

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वैश्विक महामारी और कोविड प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए यात्रियों की सभी श्रेणियों की छूट (दिव्यांगजनों की 4, रोगियों और छात्रों की 11 श्रेणियों को छोड़कर) पिछले साल 20 मार्च से ही अगली सूचना तक वापस ले ली गई थी। इनमें वरिष्ठ नागरिक भी शामिल हैं, जिन्हें यात्रा किराया में मिलने वाली छूट नहीं मिल रही हैं। इस छूट को नहीं देकर रेलवे हर साल दो हजार करोड़ रुपया बचा रहा है।

इस साल त्योहारों पर यात्रा करने के लिए लोगों की जेब ढीली हो रही है। कोविड से पूर्व हर साल अलग से स्पेशल ट्रेन चलाकर यात्रियों से यात्रा किराया रेलवे अधिक वसूलता था, लेकिन वैश्विक महामारी की आड़ में इन दिनों सभी ट्रेनें स्पेशल के नाम पर चल रही हैं। ये वहीं नियमित ट्रेने हैं, जो महामारी से पहले चलती थी। इन ट्रेनों की संख्या के आगे महज जीरो जोड़ा गया है। लिहाजा, यात्रा किराया भी 25-30 प्रतिशत तक अधिक हो गया है। सवाल यह भी है कि सब कुछ पटरी पर है तो ट्रेनें पहले जैसे क्यों नहीं चल रही हैं? स्पेशल, पूजा स्पेशल, हमसफर के नाम पर ज्यादा किराया क्यों लिया जा रहा है।
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रेलवे का तर्क है कि ट्रेनों का किराया नहीं बढ़ाया गया है। जिन ट्रेनों का किराया ज्यादा है, वे स्पेशल व फेस्टिवल स्पेशल हैं। पहले चलने वाली ट्रेनों के मुकाबले इनके स्टॉपेज कम हैं। ऑन डिमांड ट्रेनें चलाई जा रही है। सवारी ट्रेन को मेल एक्सप्रेस बनाकर चलाया जा रहा है।

अनारक्षित कोच का किराया भी बढ़ा
आरक्षित कोच के साथ अनारक्षित कोच में भी यात्रा किराया बढ़ गया है। कोविड की वजह से अनारक्षित कोच में सीटिंग टिकट की बुकिंग की जा रही है। ऐसे में साधारण किराये पर यात्रा करने वाले यात्रियों से स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन के नाम पर अधिक किराया लिया जा रहा है।

खाना, बेड रोल, वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा किराये में फिलहाल छूट नही
किलोमीटर यात्री ट्रेन मेल/एक्सप्रेस
25 10 रुपये 30 रुपये
50 15 रुपये 30 रुपये
75 20 रुपये 43 रुपये
100 25 रुपये 49 रुपये
125 30 रुपये 58 रुपये
150 35 रुपये 64 रुपये


नोट : मेल/एक्सप्रेस के बेसिक किराये पर सभी ट्रेन चल रही हैं। यही किराया सभी ट्रेन में लिया जा रहा।

बेडरोल के नाम पर 300 रुपये अधिक
वातानुकूलित कोच में बेड रोल नहीं मिलने से भी सर्दी के दिनों में यात्रियों की परेशानी बढ़ी हुई है। यात्रा किराया पर ही मिलने वाला बेड रोल अब स्टेशनों पर डिस्पोजेबल बेड रोल के नाम पर 300 रुपये तक बिक्री की जा रही है। पहले गरीब रथ ट्रेन में बेडरोल नहीं मिलने की स्थिति में महज 25 रुपये ही बेडरोल की सुविधा रेलवे देता था।

ऑनलाइन खाने की बुकिंग में भी खेल
वैश्विक महामारी की वजह से रेलवे ने ट्रेन में खाना-पीना भी नहीं परोस रहा है। हालांकि, यात्रियों को ऑनलाइन खाना बुकिंग करने की छूट दी गई है। ऐसे में यात्रियों को अधिक कीमत चुका कर यात्रा के दौरान खाना खाना पड़ रहा है। नियम के अनुसार, शताब्दी व राजधानी ट्रेन में खाने की बुकिंग नहीं करने पर यात्रा किराया कम हो जाता था, लेकिन स्पेशल ट्रेन में इस तरह की कोई सुविधा नहीं है।

रेलवे ने कहा...
लोकसभा में पूछे गए सवाल पर केंद्रीय रेल मंत्री ने लिखित जवाब में कहा कि वैश्विक महामारी और कोविड प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए यात्रियों की सभी कोटियों के लिए छूट (दिव्यांगजनों की 4 कोटियों, रोगियों और छात्रों की 11 कोटियों) को छोड़कर 20 मार्च 2020 से अगली सूचना तक वापस ले ली गई है। यात्रा किराया बढ़ने पर रेलवे ने कहा कि वैश्विक महामारी को फैलने से रोकने के लिए 23 मार्च 2020 से सभी यात्री गाड़ियों को बंद कर दिया है। स्वास्थ्य एडवाजरी को ध्यान में रखते हुए सीमित ठहरावों वाली विशेष गाड़ियां ही संचालित की जा रही हैं। ट्रेनों में भीड़भाड़ को नियंत्रित करने के लिए केवल सेवाओं के कोटिकरण को तर्कसंगत बनाया गया है।

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गया, पटना, मुंबई और कोटा के लिए चलेंगी त्योहार स्पेशल ट्रेनें

त्योहारों के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को ध्यान में रख रेलवे ने गया, पटना, मुंबई, कोटा समेत कई दिशाओं के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है। रेलवे के अनुसार ट्रेन संख्या 01678 नई दिल्ली से गया के लिए 25 अक्तूबर से 19 नवंबर के बीच चलेगी। यह ट्रेन नई दिल्ली से प्रत्येक सोमवार व शुक्रवार को सुबह 8:10 बजे चलेगी। वापसी में प्रत्येक मंगलवार व शनिवार को चलेगी। मार्ग में यह ट्रेन गाजियाबाद, कानपुर, प्रयागराज जंक्शन, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, सासाराम और डेहरी स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

ट्रेन संख्या 09190 निजामुद्दीन-बांद्रा टर्मिनस एसी सुपर फास्ट 28 अक्तूबर से 29 नवंबर के बीच चलेगी। यह ट्रेन प्रत्येक सोमवार व बृहस्पतिवार को  शाम 4:30 बजे चलकर अगले दिन सुबह 9:15 बजे बांद्रा पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 09189 बांद्रा से निजामुद्दीन के लिए प्रत्येक रविवार व बुधवार को चलेगी। मार्ग में यह स्पेशल रेलगाड़ी सूरत, बडोदरा, रतलाम, कोटा, मथुरा जंक्शन स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी। इसी तरह ट्रेन संख्या 06240 चंडीगढ़ से यशवंतपुर के लिए 6 नवंबर से वाया नई दिल्ली चलेगी।

ट्रेन संख्या 06239 यशवंतपुर से चंडीगढ़ के लिए 3 नवंबर से चलेगी। मार्ग में तुमकुर, आरिसकेरे, दावणगेरे, हुबली, धारवाड, बेलगांव, मिराज, पुणे जंक्शन, मनमाड जंक्शन, भुसावल, भोपाल, झांसी, निजामुद्दीन, नई दिल्ली, पानीपत व अंबाला छावनी स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी। इसके अलावा ट्रेन संख्या 09817/09818 कोटा जंक्शन-दानापुर-कोटा जंक्शन त्योहार स्पेशल चलेगी। यह ट्रेन 2 नवंबर से चलेगी। इसी तरह ट्रेन संख्या संख्या 09193/09194 बांद्रा-मऊ-बांद्रा के बीच 26 अक्तूबर से चलेेगी। मार्ग में बोरीवली, वापी, सूरत, बडोदरा, रतलाम, कोटा जंकशन, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, हिंडौन सिटी, ब्याना, आगरा छावनी, शमशाबाद टाउन, इटावा, कानपुर, प्रयागराज जंक्शन, जंघई, मरीयाहू, जौनपुर और औंरिहार स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।
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