पुणे में अर्न्स्ट एंड यंग कार्यालय, जिसमें एक 26 वर्षीय कर्मचारी कार्यरत थी, जिसकी कथित तौर पर बहुत अधिक काम के दवाब के कारण मृत्यु हो गई, 2007 से बिना किसी राज्य परमिट के संचालित हो रहा था, जो काम के समम को विनियमित करता है। इस घटना ने पहले ही केंद्र सरकार की जांच को गति दे दी है।
महाराष्ट्र के अतिरिक्त श्रम आयुक्त का बड़ा आरोप
महाराष्ट्र के अतिरिक्त श्रम आयुक्त शैलेंद्र पोल, जिनकी टीम ने पुणे में EY कार्यालय का निरीक्षण किया, ने कहा कि यह राज्य के दुकान और प्रतिष्ठान अधिनियम के तहत अनिवार्य पंजीकरण के बिना काम कर रहा था। कानून वयस्कों के लिए अधिकतम कार्य घंटों को प्रतिदिन नौ घंटे और प्रत्येक सप्ताह 48 घंटे तक सीमित करता है।
कंपनी ने फरवरी 2024 में श्रम विभाग में पंजीकरण के लिए किया आवेदन
शैलेंद्र पोल ने बताया, कि कंपनी ने श्रम विभाग में पंजीकरण के लिए केवल फरवरी 2024 में आवेदन किया था और हमने इसे अस्वीकार कर दिया। क्योंकि इसने 2007 से आवेदन नहीं किया था, जब इसने यह कार्यालय शुरू किया था, उन्होंने कहा कि EY को चूक के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि यदि कानून का पालन न करने के कारण दुर्घटना होती है, जिससे किसी कर्मचारी को गंभीर शारीरिक चोट लगती है या उसकी मृत्यु हो जाती है, तो उसे छह महीने तक की कैद या 500,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
कर्मचारियों की भलाई को देते हैं सर्वोच्च महत्व- ईवाई
वहीं इससे पहले EY इंडिया ने कहा था कि यह सभी कर्मचारियों की भलाई को सर्वोच्च महत्व देता है और परिवार के पत्र को अत्यंत गंभीरता और विनम्रता के साथ ले रहा है। EY ने कहा कि वह भारत में अपनी सदस्य फर्मों में लगभग 100,000 लोगों के साथ काम करती है।
युवा सीए की मां ने कंपनी पर लगाए ये आरोप
अन्ना पेरायिल की मां, अनीता ऑगस्टीन ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि उनकी बेटी को बहुत अधिक कार्य के दवाब का सामना करना पड़ रहा था, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वह देर रात तक काम करती थी, यहां तक कि हफ्ते के आखिरी में भी, उसे सांस लेने का मौका नहीं मिलता था। अन्ना पेरायिल के परिवार ने कहा है कि उसकी मृत्यु हृदयाघात से हुई।
ईवाई से कर्मचारियों के घंटों की लॉग बुक मांगी
शैलेंद्र पोल ने कहा कि उनकी टीम ने EY से कंपनी के कर्मचारियों के घंटों की लॉग बुक, कल्याणकारी नीतियों और क्या पेरायिल को अकाउंटिंग दिग्गज कंपनी में सहयोगी के रूप में चार महीनों के दौरान अत्यधिक काम करने के लिए कहा गया था, समेत अन्य विवरण मांगे हैं।